विद्यालय में छात्र पर कथित जानलेवा हमला, गंभीर हालत में पहुंचा अस्पताल — पीड़ित परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से उठ रहे सवाल, शिक्षा संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा पर चिंता
गढ़, रीवा। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालयों में यदि छात्र स्वयं को सुरक्षित महसूस न करें तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। गढ़ थाना क्षेत्र के एक निजी विद्यालय से जुड़ा ऐसा ही गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक छात्र के पिता ने विद्यालय संचालक एवं एक शिक्षक पर उनके पुत्र के साथ कथित मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना के बाद समय पर समुचित उपचार और सूचना न दिए जाने से छात्र की जान पर बन आई।
थाना गढ़ में प्रस्तुत लिखित शिकायत के अनुसार पीड़ित छात्र कक्षा 11वीं का विद्यार्थी है। शिकायतकर्ता पिता श्रवण कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया है कि विद्यालय परिसर के आसपास उनके पुत्र के साथ कथित रूप से मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद छात्र की हालत बिगड़ती चली गई और उसे पहले स्थानीय अस्पताल तथा बाद में रीवा के संजय गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराना पड़ा।
परिजनों का आरोप – घंटों तक नहीं मिली सही जानकारी
पीड़ित परिवार के अनुसार घटना के बाद उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं दी गई। जब छात्र देर शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में घायल अवस्था में छात्र के मिलने की सूचना मिली। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती तो छात्र को इतनी गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
इलाज में लाखों रुपये खर्च होने का दावा
शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि छात्र के उपचार में भारी आर्थिक बोझ पड़ा। परिजनों का कहना है कि अब तक इलाज में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं और परिवार मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक संकट से गुजर रहा है।
शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही पर उठे प्रश्न
घटना ने एक बार फिर निजी विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि किसी छात्र के साथ विद्यालय परिसर या विद्यालय से जुड़े वातावरण में ऐसी घटना होती है तो उसकी नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।
पीड़ित परिवार की मांग
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, घटना में यदि किसी की भूमिका पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही छात्र के उपचार एवं परिवार को हुए नुकसान को देखते हुए न्यायोचित सहायता भी प्रदान की जाए।

