मध्यप्रदेश: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले
मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (भापुसे) के 20 अधिकारियों के तबादले किए हैं। गृह विभाग द्वारा सोमवार देर शाम जारी आदेश के मुताबिक कई महत्वपूर्ण रेंज और संवेदनशील पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
इस सूची में सबसे अहम बदलाव रीवा रेंज में हुआ है। वर्ष 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हेमंत चौहान को रीवा रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) बनाया गया है। वहीं, वर्तमान डीआईजी राजेश सिंह चंदेल का तबादला भोपाल ग्रामीण रेंज डीआईजी के रूप में किया गया है। रीवा रेंज लंबे समय से अपराध और अवैध कारोबार की गतिविधियों के चलते सुर्खियों में रहा है, ऐसे में हेमंत चौहान से कड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
जारी आदेश के अनुसार, कई और महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं—
ललित शाक्यवार को छत्तीसगढ़ रेंज से हटाकर पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पदस्थ किया गया है।
मुकुल कुमार श्रीवास्तव को बालाघाट रेंज से हटाकर मानव अधिकार आयोग, भोपाल भेजा गया है।
सुनील कुमार पांडे अब सागर रेंज से हटकर पुलिस मुख्यालय, भोपाल में डीआईजी होंगे।
आलोक कुमार को भोपाल ग्रामीण रेंज से डीआईजी (विजिलेंस) बनाया गया है।
मनोज कुमार सिंह को रतलाम रेंज से विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त संगठन भोपाल भेजा गया है।
मनीषा मोकल अब पुलिस मुख्यालय भोपाल से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व मुख्यालय), नगर पुलिस भोपाल होंगी।
पार्थ सरवटे को रतलाम से डीआईजी, इंदौर ग्रामीण रेंज बनाया गया है।
डी. कल्याण चक्रवर्ती को छिंदवाड़ा से पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया है।
एकांश श्रीवास्तव को नगर पुलिस भोपाल से पुलिस मुख्यालय में डीआईजी पदस्थ किया गया है।
विजय कुमार खत्री को रेडियो भोपाल से छतरपुर रेंज भेजा गया है।
विनीत कुमार जैन को अशोकनगर से बालाघाट रेंज डीआईजी बनाया गया है।
मनोज कुमार सिंह (धार) को इंदौर ग्रामीण रेंज का डीआईजी नियुक्त किया गया है।
राजेश सिंह (रीवा) को भोपाल ग्रामीण रेंज भेजा गया है।
श्रीनीवास चौहान (उज्जैन) को सागर रेंज डीआईजी पदस्थ किया गया है।
मयंक अवस्थी को पुलिस अधीक्षक, धार की जिम्मेदारी दी गई है।
राजीव कुमार मिश्रा को महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय से अशोकनगर जिले का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।
इन तबादलों को प्रदेश में कानून-व्यवस्था की मजबूती और प्रशासनिक कसावट के लिहाज से अहम माना जा रहा है। खासतौर पर रीवा, सागर, बालाघाट और भोपाल ग्रामीण जैसे संवेदनशील रेंज में नए अधिकारियों की तैनाती से प्रदेश सरकार ने सख्त संदेश देने की कोशिश की है।


