रीवा: तिवनी गांव में अवैध तालाब गहरीकरण से करोड़ों का नुकसान, स्कूल-अस्पताल प्रभावित; कमिश्नर ने दी कार्यवाही की गारंटी
रीवा जिले के मनगवां विकासखंड के अंतर्गत तिवनी गांव इन दिनों एक बड़े विवाद का केंद्र बना हुआ है। यहां तालाब के अवैध गहरीकरण से न केवल करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति खतरे में आ गई है, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े संस्थानों की गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। गांव के वरिष्ठ नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश तिवारी ने मामले को गंभीर बताते हुए रीवा संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाना उनकी मजबूरी होगी।
सरकारी संस्थानों पर मंडरा रहा खतरा
तिवनी गांव में स्व. श्रीनिवास तिवारी हायर सेकेंडरी स्कूल, कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल, प्राथमिक विद्यालय और पशु चिकित्सालय तालाब की बाउंड्री से सटे हुए हैं। आरोप है कि तालाब के अवैध गहरीकरण के कारण इन भवनों की नींव कमजोर हो गई है। हायर सेकेंडरी स्कूल की दीवारें जगह-जगह दरक चुकी हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्राचार्य ने इस पर जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत भेजी है।
वहीं, पशु चिकित्सालय की स्थिति और भी चिंताजनक है। तालाब का जलस्तर बढ़ने से अस्पताल पिछले दो महीनों से जलमग्न है, जिससे पशुपालकों को अपने मवेशियों के इलाज में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति न केवल लापरवाही बल्कि संवेदनशील विभागों की मिलीभगत का नतीजा है।
भ्रष्टाचार और मिलीभगत के गंभीर आरोप
गांव के लोग दावा कर रहे हैं कि इस पूरे प्रकरण में स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और अधिकारियों की शह मिली हुई है। प्रकाश तिवारी ने सीधे तौर पर टी.पी. गुर्दवान पर आरोप लगाया है, जिन पर पूर्व में फर्जी डिग्री कांड में भी कार्रवाई हो चुकी है। तिवारी का कहना है कि गहरीकरण कार्य से गांव की मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके चलते पिछले ढाई महीने से ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्य मशीनों से कराया गया, जबकि कागजों पर इसे मनरेगा मजदूरों से जुड़ा दिखाकर फर्जी भुगतान निकाला गया। इस घोटाले की शिकायतें कई बार सीएम हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई गईं, मगर हर बार निराकरण रिपोर्ट “संतोषजनक” बताकर मामला रफा-दफा कर दिया गया।
ग्रामसभा के फैसलों की अनदेखी
ग्रामीणों ने बताया कि तिवनी हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में खेल मैदान की हमेशा से जरूरत रही है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने यहां क्रिकेट स्टेडियम निर्माण की घोषणा भी की थी और ग्रामसभा ने प्रस्ताव पारित कर इस स्थान को खेल मैदान के लिए स्वीकृत किया था। लेकिन इसी जगह को अवैध तरीके से तालाब में बदल दिया गया।
पूर्व में हुई ग्रामसभा बैठकों में सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर कर स्कूल क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने और खेल मैदान विकसित करने की मांग की थी। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों की आवाज को दरकिनार कर दिया।
बरसात में बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें
बरसात के मौसम ने ग्रामीणों की परेशानी को और बढ़ा दिया। तालाब के पानी का दबाव इतना बढ़ा कि कई घरों की दीवारें टूट गईं और लोगों को घर खाली करने तक की नौबत आ गई। घरों में पानी घुसने से फर्नीचर, खाद्य सामग्री और जरूरी सामान बर्बाद हो गए। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से लोग लगातार संकट झेल रहे हैं।
प्रकाश तिवारी का कहना है कि उन्होंने कार्य शुरू होने से पहले नायब तहसीलदार, तहसीलदार, एसडीएम, आर.ई.एस. विभाग और कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर चेताया था। इसके बावजूद किसी ने ध्यान नहीं दिया और विभाग ने ठेकेदार के साथ मिलकर रात-दिन कार्य जारी रखा।
कमिश्नर से शिकायत, जांच का आश्वासन
आखिरकार ग्रामीणों ने मजबूर होकर रीवा संभागायुक्त का रुख किया। प्रकाश तिवारी ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा, “यह सिर्फ अवैध गहरीकरण नहीं, बल्कि करोड़ों का भ्रष्टाचार है। शासन-प्रशासन की संपत्ति नष्ट की जा रही है। यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो हम अदालत की शरण लेंगे।”
आयुक्त ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
प्रशासन की साख पर सवाल
यह पूरा मामला न केवल ग्रामीणों की समस्याओं और सरकारी संपत्ति के नुकसान को उजागर करता है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था पर झूठी रिपोर्ट देकर मामले को दबाने की कोशिश भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को सामने लाती है। अब देखना होगा कि आयुक्त का आश्वासन कितनी जल्दी जमीनी स्तर पर कार्रवाई में बदलता है।
ग्रामीणों की एक ही मांग है – “अवैध तालाब गहरीकरण समाप्त हो, दोषियों को सजा मिले और बच्चों के भविष्य के लिए खेल मैदान तैयार किया जाए।”





