रीवा: मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल और रीवा पुलिस के बीच गुरुवार रात एक अभूतपूर्व टकराव हुआ। पुलिस हिरासत से रिहाई के बाद, विधायक ने न केवल पुलिस सुरक्षा को चुनौती दी बल्कि अपने तरीके से महादेवन जाने का ऐलान भी कर दिया। उनका यह कदम विवादित जमीन पर चल रहे लंबे संघर्ष में एक नया मोड़ ले आया है।
विवाद की जड़: महादेवन का विवादित भूमि मामला
महादेवन मंदिर के पास स्थित 2 एकड़ भूमि लंबे समय से विवादों में है। 18 नवंबर को विधायक प्रदीप पटेल अपने समर्थकों और जेसीबी मशीनों के साथ वहां पहुंचे थे। उनकी मंशा कथित अतिक्रमण हटाने की थी। इस दौरान स्थानीय लोगों और समर्थकों के बीच झड़पें हुईं, जो बाद में पथराव में बदल गईं।
स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और विधायक समेत कई समर्थकों को हिरासत में लिया। उन्हें रीवा के पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में रखा गया था।
जमानत और रिहाई में देरी का मामला
गुरुवार दोपहर विधायक को जमानत मिल गई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को इस बात की आशंका थी कि रिहाई के बाद विधायक दोबारा विवादित स्थल पर पहुंच सकते हैं, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
रात का हाई-वोल्टेज ड्रामा
गुरुवार रात विधायक ने खुद को पुलिस सुरक्षा से मुक्त घोषित करते हुए बाहर निकलने की ठान ली। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन विधायक अड़े रहे। उन्होंने पुलिस से तीखे शब्दों में कहा, "जब मैं मुक्त हूं, तो मुझे क्यों रोका जा रहा है? यह मेरा अधिकार है कि मैं जहां चाहूं, जा सकता हूं।"
पुलिसकर्मियों ने गेट बंद कर दिया, लेकिन विधायक ने गेट को धक्का देकर खुलवाया। जब पुलिस ने उनका अगला कदम पूछा, तो विधायक ने साफ शब्दों में कहा, "मैं महादेवन जा रहा हूं। पिछली बार जो काम अधूरा रह गया था, उसे हर हाल में पूरा करूंगा।"
विधायक का साहसिक बयान
मीडिया से बात करते हुए विधायक ने कहा, "मैं जनता के लिए लड़ाई लड़ रहा हूं। यह जमीन धार्मिक स्थल की है, इसे बचाना मेरा कर्तव्य है। अगर पुलिस मुझे रोकने की कोशिश करेगी, तो मैं फिर भी अपना काम करूंगा।"
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
विधायक के इस कदम और बयान ने प्रशासन को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक लाल ने मौके पर पहुंचकर विधायक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे।
प्रशासन ने तुरंत महादेवन क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों ने विवादित जमीन के आसपास कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक हलचल तेज
विधायक के इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। उनके समर्थक इसे "धार्मिक स्थल के संरक्षण की लड़ाई" बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे "कानून के दायरे से बाहर की कार्रवाई" करार दे रहे हैं।
अगला कदम
प्रशासन फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने की हर संभव कोशिश कर रहा है। महादेवन क्षेत्र को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है और पुलिस को किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।



