तहसील मनगवा में फाइल गुम: राजस्व प्रकरणों में देरी से जनता परेशान
रीवा। तहसील मनगवा में फाइलों के गुम होने का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुम हुई फाइलों के कारण राजस्व प्रकरणों का निपटारा रुक गया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्व मामलों में अटक रही न्याय प्रक्रिया
तहसील मनगवा में रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने राजस्व मामलों के निपटारे के लिए आते हैं। लेकिन फाइलें गायब होने की घटनाओं ने उनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया है। फाइलों की अनुपलब्धता के कारण मामलों का निपटारा लंबित है, जिससे न केवल जनता को समय और धन की हानि हो रही है, बल्कि उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर भी लगाने पड़ रहे हैं।
अधिवक्ता संघ ने जताई नाराजगी
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रभात चंद्र द्विवेदी ने फाइलें गायब होने के मामले को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, "फाइलों का गुम होना प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है। यह स्थिति न केवल जनता को परेशान कर रही है, बल्कि न्याय की प्रक्रिया में भी बाधा उत्पन्न कर रही है। रीवा कलेक्टर को इस मामले की तुरंत समीक्षा कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।"
प्रभावित हो रहे हैं किसान और व्यापारी
फाइलों के गुम होने से सबसे अधिक प्रभावित किसान और छोटे व्यापारी हो रहे हैं। वे अपने जमीन संबंधी मामलों के निपटारे के लिए महीनों से इंतजार कर रहे हैं। वहीं, दस्तावेजों की अनुपलब्धता के चलते उन्हें अतिरिक्त कानूनी और प्रशासनिक खर्च उठाना पड़ रहा है।
दस्तावेजों की सुरक्षा पर सवाल
फाइलें गायब होने की घटनाओं ने तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यालय में दस्तावेजों की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिख रही है। महत्वपूर्ण फाइलों का गुम होना केवल लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करता है।
डिजिटल प्रणाली की जरूरत
स्थानीय नागरिक और अधिवक्ता संघ ने मांग की है कि तहसील कार्यालय में फाइलों की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए डिजिटल रिकॉर्डिंग और ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाए। इससे फाइलों के गुम होने की घटनाओं पर रोक लगेगी और राजस्व प्रकरणों का निपटारा तेजी से हो सकेगा।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
घटना के सामने आने के बाद रीवा कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस मामले में जल्द कदम नहीं उठाए गए तो यह जनता के प्रशासन पर भरोसे को कमजोर कर देगा।
दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, "यह लापरवाही जनता के साथ अन्याय है। प्रशासन को न केवल जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस योजना भी बनानी चाहिए।"
फाइलों का गुम होना केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता के अभाव का प्रतीक है। रीवा कलेक्टर को इस मामले की प्राथमिकता के साथ समीक्षा करनी चाहिए और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।

