समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू: जिले में बनाए गए 78 केंद्र, व्यवस्थाएं दुरुस्त
रीवा। किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी आज, 2 दिसंबर से जिले में शुरू हो गई है। इस कार्य के लिए प्रशासन ने जिले भर में 78 खरीदी केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर बारदाना, तौल कांटे, और भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। खरीदी प्रक्रिया 20 जनवरी 2025 तक चलेगी, जिससे हजारों किसानों को लाभ होगा।
पंजीकृत किसानों की संख्या और खरीदी केंद्रों का वितरण
प्रभारी कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवड़े ने जानकारी दी कि जिले में 64243 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है। इन सभी किसानों का सत्यापन कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। खरीदी केंद्र तहसीलवार इस प्रकार से स्थापित किए गए हैं:
गुढ़: 6 केंद्र
जवा: 5 केंद्र
त्योंथर: 19 केंद्र
मनगवां: 10 केंद्र
रायपुर कर्चुलियान: 7 केंद्र
सेमरिया: 8 केंद्र
सिरमौर: 10 केंद्र
तहसील हुजूर: 15 केंद्र
अधिकांश केंद्र गोदामों में ही बनाए गए हैं ताकि खरीदी गई धान का तुरंत भंडारण किया जा सके।
धान के लिए समर्थन मूल्य और गुणवत्ता मानक
इस वर्ष फेयर एवरेज क्वालिटी (एफएक्यू) धान का समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह मूल्य किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल देने के उद्देश्य से तय किया गया है।
प्रभारी कलेक्टर ने बताया कि सभी खरीदी केंद्रों पर तौल कांटे और बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, किसानों को धान की गुणवत्ता के मानकों का पालन करने की सलाह दी गई है, ताकि समर्थन मूल्य पर उनका धान खरीदा जा सके।
सुविधाजनक और पारदर्शी प्रक्रिया
किसानों की सुविधा और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था की गई है। पंजीकृत किसान अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से या एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से अपने धान बिक्री की तिथि और समय का चयन कर सकते हैं। यह व्यवस्था केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में सहायक होगी।
व्यवस्थाओं पर प्रशासन का जोर
जिला प्रशासन ने सभी खरीदी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से लागू करने का दावा किया है। प्रभारी कलेक्टर ने जिला आपूर्ति अधिकारी, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक, और सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को निर्देश दिए हैं कि केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं समय पर और प्रभावी रूप से संचालित हों।
किसानों को जागरूकता का आह्वान
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केंद्र पर धान लाने से पहले अपने स्लॉट बुक कर लें और धान की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। इससे न केवल खरीदी प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि किसानों को उनका भुगतान भी शीघ्र मिल सकेगा।
सरकार का लक्ष्य
यह योजना राज्य सरकार की किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने और कृषि उत्पादों की खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का हिस्सा है। इस कदम से न केवल किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में स्थायित्व और संतुलन भी सुनिश्चित होगा।

