रीवा: सिरमौर चौराहे पर कपड़ा दुकान में भीषण आग, लाखों का नुकसान
रीवा शहर के सिरमौर चौराहे पर स्थित एक कपड़ा दुकान में रविवार की दोपहर अचानक आग लगने से करोड़ों रुपये के कपड़े जलकर खाक हो गए। यह हादसा विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ, जिसने देखते ही देखते एक बड़ी त्रासदी का रूप ले लिया।
घटना का विवरण
दुकान के मालिक राहुल गुप्ता, जो बच्चों और बड़ों के कपड़ों की दो दुकानें संचालित करते हैं, ने बताया कि वह रोज की तरह रविवार की सुबह अपनी दुकान खोलकर ग्राहकों की सेवा में व्यस्त थे। दोपहर के समय अचानक दुकान के ऊपर के हिस्से में आग लग गई। शुरू में दुकानदार और ग्राहक कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
दुकान के अंदर मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों ने अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना शुरू कर दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को सामान बचाने का मौका ही नहीं मिला। दुकान में मौजूद लोग डर और दहशत में बाहर भागते नजर आए।
दमकल विभाग की देरी पर उठे सवाल
घटना की सूचना तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। सिरमौर चौराहे से फायर स्टेशन की दूरी महज 5 मिनट है, लेकिन दमकल की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंचने में काफी देर कर बैठी। जब तक दमकल टीम पहुंची, तब तक दुकान का पूरा सामान जलकर खाक हो चुका था।
स्थानीय लोग और व्यापारियों ने दमकल विभाग की लापरवाही पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि यदि समय पर दमकल की गाड़ियां पहुंच जातीं, तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था। यह घटना प्रशासन की आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
50-60 लाख रुपये का नुकसान
दुकान के मालिक राहुल गुप्ता ने बताया कि आग की इस घटना में करीब 50 से 60 लाख रुपये के कपड़े पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ी आर्थिक क्षति है। राहुल गुप्ता ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है ताकि वह अपने व्यवसाय को दोबारा खड़ा कर सकें।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद चौराहे पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। लोग दमकल विभाग की देरी और सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल उठाते नजर आए। कुछ लोगों ने कहा कि सिरमौर जैसे व्यस्त इलाके में आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की तत्परता बेहद जरूरी है।
व्यापारियों में आक्रोश
स्थानीय व्यापारी संघ ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संघ के सदस्यों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
प्रशासन से उम्मीद
यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करने की जरूरत है। व्यापारियों ने जिला प्रशासन से गुजारिश की है कि वे इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई करें और दुकान मालिक को उचित मुआवजा दिलाएं।


