दोस्ती की आड़ में खौफनाक बदला: रीवा में युवक ने बहन से छेड़छाड़ का बदला लेने के लिए की दोस्त की निर्मम हत्या
रीवा (मध्य प्रदेश)।
चोरहटा थाना क्षेत्र में आठ महीने पहले हुई एक अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस हृदयविदारक घटना में एक युवक ने अपनी बहन से छेड़छाड़ का बदला लेने के लिए अपने ही दोस्त की न केवल निर्मम हत्या की, बल्कि शव के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने हत्या के बाद मृतक के गुप्तांग को काटकर अपनी दुश्मनी की कहानी लिखी।
मामले का प्रारंभिक खुलासा
21 अप्रैल 2024 को चोरहटा थाना क्षेत्र के खैरा पुरानी बस्ती निवासी शंकरलाल कोल (उम्र 50 वर्ष) ने पुलिस को सूचना दी कि उनका सबसे छोटा भाई हीरालाल कोल (उम्र 28 वर्ष) रेलवे ब्रिज के पास मृत पाया गया है। उसकी गर्दन और गुप्तांग को किसी धारदार हथियार से काटा गया था। इस हत्याकांड की क्रूरता ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में इसे अज्ञात अपराधी द्वारा की गई हत्या माना गया, लेकिन गहराई से जांच करने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
हत्या का कारण और साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक हीरालाल कोल के सहकर्मी और मित्र, कृष्णा उर्फ छोटू विश्वकर्मा (उम्र 19 वर्ष), ने इस हत्या को अंजाम दिया।
आरोपी ने बताया कि मार्च 2024 में उसकी बहन कुछ दिनों के लिए उसके घर आई थी। उसी दौरान हीरालाल ने उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ की। यह घटना आरोपी के दिलो-दिमाग पर गहरा असर डाल गई, और उसने बदला लेने की ठान ली।
हत्या की वारदात कैसे अंजाम दी गई?
20 अप्रैल 2024 की रात आरोपी कृष्णा ने अपने दोस्त हीरालाल को शराब पीने के बहाने रेलवे ब्रिज के पास बुलाया।
दोनों ने साथ बैठकर शराब पी।
जब हीरालाल नशे में बेसुध हो गया, तो कृष्णा ने पहले उसकी गर्दन पर धारदार चाकू से हमला किया।
इसके बाद उसने मृतक के गुप्तांग को काट दिया।
हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
रीवा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर और नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋतु उपाध्याय की टीम ने इस मामले की जांच को तेजी से आगे बढ़ाया।
आरोपी कृष्णा उर्फ छोटू को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया गया।
पुलिस टीम को सफलता और इनाम
पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। इस मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम को ₹10,000 का इनाम दिया गया।
इस खुलासे में चोरहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा, साइबर सेल, और अन्य पुलिस कर्मियों का विशेष योगदान रहा।
सामाजिक चेतावनी
यह घटना बताती है कि व्यक्तिगत रंजिश और हिंसा से समस्याओं का समाधान नहीं होता। समाज को यह समझने की आवश्यकता है कि हर अपराध का निपटारा कानून और न्याय व्यवस्था के माध्यम से होना चाहिए। इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि दोस्ती जैसे रिश्ते को भी कलंकित कर दिया।

