खरीदी केंद्र गढ़ लौरी जिला रीवा मध्य प्रदेश : धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण, उठाव में बाधा बनी समस्या
ग्राम पंचायत लौरी गढ़ में स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित लौरी गढ़ के धान खरीदी केंद्र का तहसीलदार मनोज सिंह ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ निरीक्षण किया। उनके साथ राजस्व निरीक्षक पटवारी , समिति प्रबंधक अखंड मिश्रा, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य खरीदी केंद्र पर चल रही गतिविधियों का जायजा लेना और किसानों की समस्याओं को सुनना था।
किसानों से सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने केंद्र पर उपस्थित किसानों से सीधा संवाद किया। किसानों ने खरीदी प्रक्रिया के प्रति संतोष व्यक्त किया और किसी प्रकार की शिकायत नहीं की। किसानों ने बताया कि वर्तमान में खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। यह दर्शाता है कि समिति प्रबंधन और कर्मचारियों का कार्य संतोषजनक है।
धान उठाव में देरी बनी बड़ी समस्या
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने देखा कि केंद्र पर बड़ी मात्रा में धान भंडारित है। धान न उठाऊ के कारण किसानों को तोल में दिक्कत होगी धान उठाऊ न होने के कारण किसानों खाते में राशि नहीं आ पाएगी जिससे किसान अपनी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो होजाएं गे इस पर उन्होंने समिति प्रबंधक अखंड मिश्रा से धान उठाव में देरी का कारण पूछा। समिति प्रबंधक ने बताया कि वे बार-बार संबंधित अधिकारियों को सूचना दे रहे हैं, लेकिन वाहनों की अनुपलब्धता के कारण धान उठाव का कार्य बाधित है।
समिति प्रबंधक ने यह भी चिंता व्यक्त की कि यदि धान का समय पर उठाव नहीं हुआ तो:
1. स्थान की कमी के कारण नई फसल की खरीदी बाधित हो जाएगी।
2. भंडारित धान को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाएगा, जिससे खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।
समस्या समाधान के लिए चर्चा
इस मुद्दे पर तहसीलदार ने राजस्व विभाग और नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक से चर्चा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि धान उठाव की समस्या के समाधान के लिए जिला स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत नहीं पाई गई है।
धान उठाव में हो रही देरी न केवल खरीदी प्रक्रिया को बाधित कर रही है, बल्कि किसानों को भी परेशानी में डाल सकती है। समय पर उठाव सुनिश्चित करने के लिए:
1. वाहन उपलब्धता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
2. संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
3. केंद्र पर भंडारण की स्थिति का नियमित निरीक्षण किया जाए।
किसानों और केंद्र के प्रबंधन के प्रयासों से वर्तमान स्थिति संतोषजनक है, लेकिन धान उठाव में हो रही देरी का शीघ्र समाधान करना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल खरीदी प्रक्रिया में सुधार होगा, बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत रहेगा।

