20 हजार की रिश्वत लेते हुए सब इंजीनियर रंगे हाथों गिरफ्तार
ग्राम पंचायत करौंदी में पंचायत कार्यों के मूल्यांकन में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, सरपंच पति की शिकायत पर लोकायुक्त ने की कार्रवाई
विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा मध्यप्रदेश।
रीवा जिले के रायपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत करौंदी में पंचायत कार्यों के मूल्यांकन के एवज में रिश्वत मांगने वाले सब इंजीनियर को लोकायुक्त पुलिस ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुधवार को लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम द्वारा की गई। आरोपी सब इंजीनियर ने पंचायत के विभिन्न निर्माण कार्यों के मूल्यांकन और सीसी जारी करने के बदले मोटी रकम की मांग की थी, जिससे परेशान होकर महिला सरपंच के पति ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले का पूरा घटनाक्रम
ग्राम पंचायत करौंदी में लगभग 5.5 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य किए गए थे। इन कार्यों के मूल्यांकन और पूर्णता प्रमाण पत्र (सीसी) जारी करने के एवज में सब इंजीनियर ने 28 प्रतिशत कमीशन यानी कुल 1.42 लाख रुपये की मांग की थी। सरपंच और इंजीनियर के बीच पहले तालमेल था, लेकिन जब सब इंजीनियर ने रिश्वत की रकम बढ़ा दी, तो दोनों के बीच विवाद हो गया। अंततः सरपंच पति सुशील कुमार पटेल ने इस मामले को लोकायुक्त पुलिस के संज्ञान में लाया और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
लोकायुक्त ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने इस मामले की गहन जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई। बुधवार की दोपहर जैसे ही आरोपी सब इंजीनियर ने रिश्वत के रूप में सरपंच पति से 20 हजार रुपये लिए, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
लोकायुक्त पुलिस का आधिकारिक बयान
इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस के उप पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि-
"हमें शिकायत मिली थी कि ग्राम पंचायत करौंदी में चल रहे निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के लिए सब इंजीनियर द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद टीम ने ट्रैप किया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। मामले में आगे भी जांच जारी है, और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।"
भ्रष्टाचार का यह था खेल
सूत्रों के अनुसार, पंचायत कार्यों में पहले से ही धांधली की शिकायतें मिल रही थीं। सरपंच और इंजीनियर के बीच भ्रष्टाचार में हिस्सेदारी तय थी, लेकिन जब सब इंजीनियर ने अपने हिस्से की रकम बढ़ा दी, तो सरपंच के पति ने नाराज होकर पूरे मामले को उजागर करने का फैसला किया और लोकायुक्त की मदद ली।
जनता में आक्रोश, जांच की मांग
इस घटना के बाद ग्राम पंचायत करौंदी सहित आसपास के ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार के कारण विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत में कराए गए सभी कार्यों की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
अगली कार्रवाई क्या होगी?
लोकायुक्त पुलिस अब आरोपी इंजीनियर के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर उसे न्यायालय में पेश करेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। संभावना है कि जल्द ही अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।
इस पूरे मामले ने पंचायत स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं। लोकायुक्त पुलिस की इस कार्रवाई से सरकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन की उम्मीद जगी है।


