भाजपा में वर्चस्व की लड़ाई: देवतालाब, मऊगंज और मनगवां विधायकों के बीच खींचतान, राजनीतिक दिशा पर सवाल
विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा
रीवा जिले के मनगवां तहसील कार्यालय प्रतीक्षालय भवन निर्माण के भूमि पूजन को लेकर भाजपा के भीतर विवाद गहराता जा रहा है। 27 जनवरी 2025 को आयोजित इस कार्यक्रम में देवतालाब विधायक गिरीश गौतम को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक टकराव की जड़ें
मनगवां क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में देवतालाब विधायक की उपस्थिति पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि कुछ समय पहले उन्होंने मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल पर देवतालाब क्षेत्र में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था। अब वही स्थिति मनगवां में देखी जा रही है, जहां क्षेत्रीय विधायक इंजी. नरेंद्र प्रजापति की भूमिका को नजरअंदाज कर बाहरी हस्तक्षेप हो रहा है।
भूमि विवाद और न्यायालय का स्थगन आदेश
मनगवां तहसील कार्यालय के प्रतीक्षालय भवन के लिए चुनी गई मलकपुर तालाब की भूमि को लेकर एक अहम विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस भूमि पर निर्माण कार्य के विरुद्ध हाईकोर्ट का स्थगन आदेश लागू है, और दिलचस्प बात यह है कि यह आदेश खुद देवतालाब विधायक के समर्थकों द्वारा लिया गया था। अब उन्हीं की उपस्थिति में भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
विधायकों की प्रतिष्ठा की लड़ाई
इससे पहले भी विधायकों के बीच वर्चस्व की होड़ देखने को मिली थी। मऊगंज विधायक द्वारा देवतालाब थाना प्रभारी को निलंबित कराने के विवाद के बाद देवतालाब विधायक ने मनगवां थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे का तबादला कराकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई थी। लेकिन मनगवां विधायक ने भी चुनौती स्वीकारते हुए प्रभारी का तबादला वापस करा लिया था। अब प्रतीक्षालय भवन भूमि पूजन में देवतालाब विधायक की मौजूदगी को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह स्थानीय नेतृत्व को दरकिनार करने का प्रयास है?
राजनीतिक कार्यक्रम या सत्ता प्रदर्शन?
मनगवां क्षेत्र में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर सवाल यह भी उठ रहा है कि यह परियोजना पूर्व विधायक पंचू लाल प्रजापति के कार्यकाल में प्रस्तावित थी, लेकिन उस समय देवतालाब विधायक के करीबी लोगों ने इसे रोकने के लिए कानूनी अड़चनें खड़ी की थीं। अब जब वही निर्माण कार्य पुनः शुरू हो रहा है, तो सांसद और पूर्व विधायक को आमंत्रित न किया जाना राजनीतिक पूर्वाग्रह को दर्शाता है।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक की संभावित अनुपस्थिति
सूत्रों के अनुसार, भूमि पूजन कार्यक्रम के दिन रीवा कलेक्ट्रेट में एक महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है, जिससे मनगवां विधायक की अनुपस्थिति की संभावना बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि वे कार्यक्रम में शामिल नहीं होते हैं, तो भाजपा के भीतर अंतर्कलह की चर्चाओं को और बल मिलेगा।
भाजपा के भीतर बढ़ती दरारें
भाजपा की रीवा जिले में बढ़ती गुटबाजी आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर असर डाल सकती है। देवतालाब, मऊगंज और मनगवां विधायकों के बीच शक्ति प्रदर्शन ने पार्टी नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इस स्थिति में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस मुद्दे को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
मनगवां के प्रतीक्षालय भवन भूमि पूजन विवाद ने भाजपा में आंतरिक खींचतान को उजागर कर दिया है। देवतालाब विधायक की मौजूदगी और क्षेत्रीय विधायक की संभावित अनुपस्थिति, राजनीतिक महत्वाकांक्षा और गुटबाजी की ओर इशारा कर रही है। आगामी चुनावों में इस वर्चस्व की लड़ाई पार्टी की साख के लिए चुनौती बन सकती है।

