श्रद्धालुओं की सेवा में आगे आए जनप्रतिनिधि, जाम में फंसे यात्रियों को भोजन एवं जलपान की व्यवस्था
त्योंथर/रीवा: कुंभ मेले की ओर जा रहे हजारों श्रद्धालुओं को उस समय बड़ी राहत मिली, जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने सेवा भावना का परिचय देते हुए उनके लिए भोजन एवं जलपान की नि:शुल्क व्यवस्था की। भारी यातायात दबाव के कारण त्योंथर क्षेत्र में कई श्रद्धालु घंटों तक जाम में फंसे रहे, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उनके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं।रविवार को त्योंथर क्षेत्र में कुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
इस दौरान विधायक सिद्धार्थ तिवारी, जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता, समाजसेवी परमजीत सिंह डंग, जनपद अध्यक्ष गंगेव विकास तिवारी और विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रद्धालुओं की सहायता का बीड़ा उठाया। श्रद्धालुओं को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक सहयोग से व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गईं।
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए किया गया व्यापक प्रबंध
कुंभ मेला आस्था और आध्यात्मिकता का सबसे बड़ा संगम होता है, जहां देशभर से लाखों श्रद्धालु अपनी धार्मिक आस्था के साथ पहुंचते हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में भक्तजन कुंभ की ओर रवाना हो रहे हैं। लेकिन अत्यधिक भीड़ और वाहनों की लंबी कतारों के कारण कई स्थानों पर यातायात बाधित हुआ, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा।इस स्थिति को देखते हुए जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को भोजन एवं जलपान वितरित किया। इस दौरान छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की विशेष देखभाल की गई, ताकि वे गर्मी और लंबी प्रतीक्षा के कारण किसी भी परेशानी में न पड़ें।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने निभाई जिम्मेदारी
श्रद्धालुओं की सहायता करने पहुंचे विधायक श्री सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि "कुंभ में जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। हम चाहते हैं कि भक्तगण किसी भी प्रकार की असुविधा के बिना अपनी धार्मिक यात्रा को पूर्ण कर सकें।"वहीं, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गुप्ता ने कहा, "धार्मिक आयोजनों में सेवा कार्य सबसे बड़ा पुण्य होता है। हमारी टीम पूरी तत्परता से काम कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।"समाजसेवी परमजीत सिंह डंग ने भी इस पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि "हमारी संस्कृति सेवा और सहयोग की रही है। श्रद्धालुओं की मदद कर हमें आत्मिक सुख की अनुभूति हो रही है। आगे भी हम इस तरह के कार्यों में सहयोग देते रहेंगे।"
स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
इस सेवा कार्य में न केवल जनप्रतिनिधि बल्कि स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों ने यात्रियों की सहायता में कोई कसर नहीं छोड़ी। विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के लिए प्राथमिकता के आधार पर सहायता प्रदान की गई।स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर योगदान देते हुए पानी, फल, बिस्किट और अन्य खाद्य सामग्री वितरित की। यह सामूहिक प्रयास श्रद्धालुओं के लिए राहत का बड़ा कारण बना और उन्होंने इस सेवा कार्य के लिए जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
श्रद्धालुओं ने की इस पहल की सराहना
जाम में फंसे श्रद्धालुओं ने बताया कि इस प्रकार की पहल से उन्हें अत्यधिक राहत मिली। उन्होंने कहा कि "जब हम असहाय महसूस कर रहे थे, तब स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों ने हमारी मदद की। यह देखकर अच्छा लगा कि समाज में अभी भी सेवा भाव जीवंत है।"कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यह सहयोगात्मक प्रयास कुंभ यात्रा को और अधिक सुखद बना रहा है।
जनता में सकारात्मक संदेश, सेवा कार्यों की हो रही सराहना
इस मानवीय पहल से स्थानीय जनता में भी सकारात्मक संदेश गया है। विधायक, जिला भाजपा अध्यक्ष, समाजसेवी और अन्य जनप्रतिनिधियों की इस तत्परता को लेकर क्षेत्र में सराहना की जा रही है। लोग इसे "आस्था और सेवा का संगम" बता रहे हैं।


