कर्तव्य पथ पर वीरगति प्राप्त एएसआई रामचरण गौतम को शहीद का दर्जा, मुख्यमंत्री ने परिजनों को सौंपा 1 करोड़ रुपये का चेक
मऊगंज जिले में पदस्थ, सतना जिले के निवासी असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) स्वर्गीय रामचरण गौतम ने कर्तव्य पालन करते हुए वीरगति प्राप्त की। उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें शहीद का दर्जा प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पादेवी गौतम एवं परिजनों को मुख्यमंत्री निवास, भोपाल आमंत्रित कर सम्मानित किया और संवेदना व्यक्त की।
सरकार की ओर से आर्थिक सहायता एवं सम्मान
मुख्यमंत्री ने स्व. रामचरण गौतम के परिवार की आर्थिक सहायता के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पुलिस सैलरी पैकेज अंतर्गत 1 करोड़ रुपये की दुर्घटना बीमा सहायता राशि का चेक उनकी पत्नी को सौंपा। यह राशि परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रदान की गई, जिससे वे किसी भी आर्थिक संकट से मुक्त रह सकें।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस भावुक क्षण में मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री कैलाश मकवाणा, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) श्री चंद्रशेखर शर्मा, और अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने शहीद एएसआई रामचरण गौतम के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री का संदेश: "शहीदों का सम्मान सर्वोपरि"
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा,
"प्रदेश सरकार अपने वीर सैनिकों और पुलिस बल के जवानों के योगदान को कभी नहीं भूलेगी। स्व. रामचरण गौतम ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जो बलिदान दिया है, वह प्रदेश और देश के लिए अमूल्य है। सरकार उनके परिवार के साथ हर परिस्थिति में खड़ी रहेगी और उन्हें हरसंभव सहायता दी जाएगी।"
शहीद की शौर्यगाथा बनी प्रेरणा
स्व. एएसआई रामचरण गौतम की वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। उनका बलिदान यह संदेश देता है कि कर्तव्य और राष्ट्रसेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं। प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग उनके परिवार की हर जरूरत को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि शहीदों का सम्मान हमेशा कायम रहे।


