जबलपुर: कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, 3 अप्रैल को कोर्ट में पेश करने का आदेश
सतना पुलिस को कोर्ट का निर्देश, 1.25 लाख के चेक बाउंस मामले में कार्रवाई के आदेश
जबलपुर। मध्य प्रदेश के सतना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा की कानूनी परेशानियां बढ़ गई हैं। जबलपुर स्थित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (MP-MLA कोर्ट) डीपी सूत्रकार ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामला 1 लाख 25 हजार रुपये के चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें लगातार समन भेजे जाने के बावजूद विधायक अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। अदालत ने सतना पुलिस को आदेश दिया है कि वह विधायक को गिरफ्तार कर 3 अप्रैल को कोर्ट में पेश करे।
2016 से लंबित है मामला
यह मामला वर्ष 2016 से अदालत में लंबित है। परिवादी के अधिवक्ता शरद गुप्ता ने बताया कि कोर्ट ने कई बार समन और नोटिस भेजे, लेकिन विधायक पेश नहीं हुए। उनके लगातार अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने पहले जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन अब गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है।
कोर्ट का सख्त रुख, सतना एसपी को दिए आदेश
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार की अदालत ने सतना पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देश दिया है कि वह वारंट की तामील कराएं और विधायक को 3 अप्रैल की अगली सुनवाई में कोर्ट में पेश करें। इस आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा पर 1.25 लाख रुपये के चेक बाउंस का मामला दर्ज है। 2016 में जारी किए गए इस चेक का भुगतान नहीं होने पर आवेदक ने अदालत में मामला दायर किया। लंबे समय से यह मामला अदालत में लंबित था और विधायक की गैरमौजूदगी के कारण कार्रवाई लंबित पड़ी थी। अब कोर्ट ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
विधायक की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
यह मामला कांग्रेस विधायक की राजनीतिक छवि पर असर डाल सकता है। अगर वे अगली सुनवाई में भी पेश नहीं होते हैं, तो अदालत उनके खिलाफ और कड़े आदेश जारी कर सकती है।
राजनीतिक असर: विपक्ष का हमला तय
इस मामले के बाद विपक्षी दल कांग्रेस पर हमलावर हो सकते हैं। पहले से ही कांग्रेस सरकार और उसके विधायकों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में यह मामला विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा के लिए राजनीतिक रूप से भी नुकसानदेह साबित हो सकता है।
3 अप्रैल को अगली सुनवाई में अगर विधायक अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ और सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अब देखना यह होगा कि सिद्धार्थ कुशवाहा कोर्ट में पेश होकर मामले का सामना करते हैं या नहीं।




