रीवा में युवा अधिवक्ता ने खुद को मारी गोली, पुलिस जांच में जुटी
रीवा। शहर के सिविल लाइंस इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां वरिष्ठ अधिवक्ता घनश्याम सिंह के पोते और जिला कोर्ट के वकील पार्थ सिंह ने बुधवार देर रात अपने निजी आवास में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
घर में गूंजी गोली की आवाज, परिवार में मचा कोहराम
रात के समय अचानक गोली चलने की आवाज से घर में हड़कंप मच गया। आवाज सुनते ही पार्थ के पिता कंचू सिंह और उनके दादा घनश्याम सिंह तुरंत उनके कमरे में पहुंचे, जहां पार्थ लहूलुहान हालत में पड़े थे। परिजन उन्हें तुरंत संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्या थी आत्महत्या की वजह?
पार्थ सिंह के इस कदम के पीछे क्या कारण थे, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
कानूनी पेशे से जुड़े थे पार्थ सिंह
स्थानीय लोगों के अनुसार, पार्थ अपने दादा घनश्याम सिंह के साथ रीवा जिला एवं सत्र न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे। वे एक होनहार और मेहनती वकील थे, जो अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थे।
परिवार पहले भी झेल चुका है दर्द
घनश्याम सिंह के परिवार के लिए यह दूसरा बड़ा आघात है। जानकारी के मुताबिक, उनके एक और नाती हर्ष सिंह की कुछ वर्षों पहले सिरमौर चौराहे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब उनके दूसरे नाती पार्थ सिंह ने खुद को गोली मारकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
पुलिस कर रही जांच, शव सौंपे जाएंगे परिजनों को
घटना की सूचना मिलते ही अमहिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पार्थ द्वारा इस्तेमाल किए गए वेपन और कारतूस का कवर बरामद कर लिया है। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
अधिवक्ता संघ ने जताया शोक
रीवा जिला अधिवक्ता संघ ने पार्थ सिंह के असमय निधन पर गहरा शोक जताया है। उनके परिवार को सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंच रहे हैं।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?
अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
यह घटना न केवल पार्थ के परिवार, बल्कि पूरे वकील समुदाय के लिए एक बड़ा झटका है। आखिर क्या वजह थी कि एक होनहार अधिवक्ता ने इतना बड़ा कदम उठाया? पुलिस की जांच से ही इस सवाल का जवाब मिल पाएगा।



