मऊगंज हत्याकांड: ब्राह्मण युवक की हत्या के विरोध में रीवा और मऊगंज बंद
रीवा। मऊगंज हत्याकांड में ब्राह्मण युवक की निर्मम हत्या के विरोध में ब्राह्मण महासभा के आह्वान पर रीवा और मऊगंज बंद का आंशिक असर देखने को मिला। बंद के समर्थन में शहर के विभिन्न संगठनों ने भी अपनी सहमति जताई, लेकिन बाज़ार में पूरी तरह बंदी नहीं देखी गई। कुछ स्थानों पर दुकानों के शटर बंद रहे, जबकि कई व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले नजर आए।
महासभा के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
ब्राह्मण महासभा के कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही रैली निकालकर बाज़ार बंद कराने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने व्यापारियों से स्वेच्छा से दुकानें बंद करने की अपील की, हालांकि उन्हें आंशिक समर्थन ही मिल पाया। वहीं, बंद को लेकर प्रशासन सतर्क था और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
ब्राह्मण महासभा ने प्रशासन और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
ब्राह्मण महासभा ने इस हत्याकांड को लेकर प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महासभा का कहना है कि प्रदेश में लगातार ब्राह्मण समाज पर हमले हो रहे हैं और हत्याओं की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हो रही है। महासभा ने आरोप लगाया कि बीते कुछ महीनों में मैहर, सीधी और अब मऊगंज में ब्राह्मण समाज के लोगों की हत्या कर दी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में ब्राह्मण समाज असुरक्षित है।
मऊगंज हत्याकांड: दो लोगों की निर्मम हत्या
गौरतलब है कि 15 मार्च को मऊगंज जिले में आदिवासी समुदाय के कुछ लोगों द्वारा एएसआई गौतम और सनी द्विवेदी की हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने पहले सनी द्विवेदी को बंधक बना लिया और बाद में उसकी हत्या कर दी। जब पुलिस टीम उसे छुड़ाने पहुंची, तो उन पर पथराव किया गया, जिसमें एएसआई गौतम की जान चली गई। इस निर्मम हत्या के बाद से ही ब्राह्मण समाज में जबरदस्त आक्रोश है। समाज ने प्रशासन से दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और कठोरतम सजा की मांग की है। ब्राह्मण महासभा ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर भी सवाल उठाए हैं और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार ब्राह्मण समाज पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में असफल रहती है, तो उन्हें ब्राह्मण विरोधी माना जाएगा।
इन संगठनों ने दिया बंद को समर्थन
इस बंद को अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, हिंदू क्षत्रिय वाहिनी, रॉयल राजपूत संगठन और सपाक्स का समर्थन मिला। इन संगठनों ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर कठोर दंड दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
प्रशासन ने किया सुरक्षा बंदोबस्त
बंद के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन मुस्तैद रहा। रीवा और मऊगंज में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की।
ब्राह्मण समाज की चेतावनी: न्याय न मिला तो होगा बड़ा आंदोलन
ब्राह्मण महासभा ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि जल्द ही इस हत्याकांड में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और उन पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होगा। महासभा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ब्राह्मण समाज की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती, तो समाज विधानसभा का घेराव और उग्र प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेगा।
फिलहाल, इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और समाज के लोग सरकार की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

