शिवराज सरकार में रखे सीएम राइज स्कूल का नाम मोहन यादव ने बदला, अब कहलाएगा सांदीपनि, कहा-अंग्रेज मानसिकता तकलीफदेह
विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा मध्यप्रदेश
मध्य प्रदेश में ‘सीएम राइज स्कूल’ का नाम बदला, अब ‘सांदीपनि स्कूल’ के नाम से जाने जाएंगे आधुनिक सरकारी विद्यालय
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए ‘सीएम राइज स्कूल’ का नाम बदलकर ‘सांदीपनि स्कूल’ कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के दौरान कहा कि ‘‘सीएम राइज स्कूल नाम अंग्रेजों के जमाने जैसा प्रतीत होता था, इसलिए इसे बदलकर महर्षि सांदीपनि के नाम पर रखा गया है। यह नाम भारतीय संस्कृति और परंपरा को दर्शाता है।’’ राज्य सरकार का यह निर्णय प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों को एक विशिष्ट भारतीय पहचान देने का प्रयास है।
महर्षि सांदीपनि के नाम पर स्कूलों का नाम क्यों बदला गया?
महर्षि सांदीपनि भारतीय शिक्षा परंपरा के प्रतिष्ठित गुरु माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वे भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के गुरु थे और उन्होंने श्रीकृष्ण को 64 कलाओं की शिक्षा दी थी। उनका आश्रम मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है, जो प्राचीन काल से ही शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का मानना है कि इस नाम परिवर्तन से विद्यार्थियों में अपने सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
‘स्कूल चलें हम’ अभियान 2025 की शुरुआत
मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2025 से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ‘‘शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए और सरकारी स्कूलों में भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा दी जा रही है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सफलता प्राप्त करनी चाहिए।’’
शिक्षा मंत्री द्वारा की गई बड़ी घोषणाएँ
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं:
नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें – अब छात्रों को स्कूल में प्रवेश करते ही उनकी पाठ्य-पुस्तकें बैग में उपलब्ध होंगी।
समय पर शैक्षणिक सामग्री वितरण – पहली बार राज्यभर में विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री समय पर वितरित की गई है।
नई शिक्षा नीति का प्रभावी कार्यान्वयन – मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे छात्रों को तकनीकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर मिलेंगे।
बेटियों के लिए साइकिल योजना
मंत्री ने घोषणा की कि जुलाई 2025 से प्रदेश की बेटियों को साइकिल प्रदान की जाएगी, जिससे वे आसानी से स्कूल आ-जा सकें और उनकी शिक्षा बाधित न हो। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी उच्च शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करना है।
शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा पोर्टल 3.0 का भी शुभारंभ किया गया। यह पोर्टल सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश, नामांकन और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा। इससे छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
राज्यभर में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन
प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें सांसद, विधायक और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की गईं, अभिभावकों का स्वागत किया गया और बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है।
महर्षि सांदीपनि और उज्जैन का गौरवशाली इतिहास
महर्षि सांदीपनि का आश्रम उज्जैन के मंगलनाथ रोड पर स्थित है।
भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा ने यहीं शिक्षा प्राप्त की थी।
आश्रम के पास का क्षेत्र अंकपात के नाम से जाना जाता है, जहाँ श्रीकृष्ण अपनी लेखनी धोते थे।
इस क्षेत्र में एक शिला पर अंक 1 से 100 तक उकेरे गए हैं, जो प्राचीन काल में शिक्षा की पद्धति को दर्शाते हैं।
आश्रम के पास स्थित गोमती कुंड का उल्लेख विभिन्न पुराणों में मिलता है। यह कुंड प्राचीनकाल में आश्रम में जल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत था।
यह स्थान वल्लभ संप्रदाय के अनुयायियों के लिए भी महत्वपूर्ण है और इसे वल्लभाचार्य की 84 सीटों में से एक माना जाता है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य
मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और आधुनिक सरकारी स्कूलों की एक नवीन पहचान स्थापित करने का प्रयास है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का मानना है कि ‘सांदीपनि स्कूल’ नाम विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अधिक प्रेरित करेगा और वे शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक होंगे।
मध्य प्रदेश में ‘सीएम राइज स्कूल’ का नाम बदलकर ‘सांदीपनि स्कूल’ करने का निर्णय शिक्षा प्रणाली को भारतीय परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का यह प्रयास न केवल शैक्षणिक संस्थानों को एक नई पहचान देगा, बल्कि छात्रों को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में भी मदद करेगा।




