रीवा में यूरिया वितरण में बड़ा गड़बड़: 600 बोरी खाद गलती से गलत ठिकाने पर उतरी, किसानों में भारी नाराजगी
रीवा। जिले में किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में गंभीर चूक सामने आई है। परिवहन कर्ता आर.के. गुप्ता, चाकघाट, रीवा ने इफको को लिखित आवेदन में स्पष्ट किया है कि 25 अगस्त 2025 को उनकी गाड़ी MP 17 HH 3089 में लदी 600 बोरी यूरिया, जिसे लोरी गढ़ सहकारी समिति में भेजा जाना था, वह गलती से मैसर्स कर्तव्य मोटर्स के यहां उतार दी गई।
परिवहन कर्ता के अनुसार, यह त्रुटि ड्राइवर की गलती के कारण हुई, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या वरिष्ठ अधिकारियों ने सही दिशा-निर्देश नहीं दिए, या वितरण व्यवस्था में जानबूझकर ढिलाई बरती गई? इस गड़बड़ी ने किसानों और समितियों में भारी परेशानी पैदा कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, गलती के कारण लोरी गढ़ समिति में अभी तक खाद नहीं पहुंची है। गांव और शहर से किसान सुबह से ही चक्कर काट रहे हैं, लेकिन रीवा जिले में व्यवस्था ऐसी बनी हुई है कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश भी सही ढंग से लागू नहीं हो रहे, जिससे जनता पर डबल मेहनत और अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस तरह की त्रुटियों से उनका कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। समय पर यूरिया न मिलने से फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है, और किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार खाद पाने में लंबा समय लग रहा है।
परिवहन कर्ता आर.के. गुप्ता ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए, और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करके यूरिया को सही ठिकाने पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि कल तक स्थिति का जायजा लिया जाएगा, और तब तक किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जाना चाहिए।
जानकारों का कहना है कि यह मामला केवल एक ड्राइवर की गलती तक सीमित नहीं है। रीवा जिले की वितरण प्रणाली में नीति, निगरानी और जवाबदेही की गंभीर कमी है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में इस तरह की त्रुटियाँ किसानों के लिए गंभीर संकट का रूप ले सकती हैं।
इस घटना ने एक बार फिर रीवा जिले में कृषि वितरण व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है। यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है, या केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहेगा।

