निलंबित शासकीय सेवकों को नियत समय में जारी करें आरोप पत्र – कलेक्टर प्रतिभा पाल
सभी कार्यालय प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश, अनावश्यक देरी पर सख्त रुख अपनाने की चेतावनी
रीवा, 03 अगस्त 2025।
जिले में शासकीय अनुशासन और प्रशासनिक कार्यवाही की गंभीरता बनाए रखने हेतु कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए सभी विभागीय कार्यालय प्रमुखों को आदेशित किया है कि निलंबित शासकीय सेवकों को नियत समय में आरोप पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने चेताया है कि यदि यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की गई, तो न केवल विभागीय कार्रवाई प्रभावित होगी बल्कि निलंबन की वैधानिकता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो सकता है।
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई कार्यालयों में शासकीय कर्मचारियों को निलंबन के बाद आरोप पत्र जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के तहत यदि 45 दिवस की अवधि के भीतर आरोप पत्र जारी नहीं किया गया, तो निलंबित कर्मचारी स्वयं को स्वमेव बहाल मानकर पुनः कार्य पर उपस्थित होने का प्रयास करता है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
एक सप्ताह में पूरी करें प्रक्रिया
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देशित किया है कि शासकीय सेवक को निलंबित किए जाने की तिथि से अधिकतम एक सप्ताह के भीतर संबंधित कार्यालय द्वारा उन्हें आरोप पत्र, संलग्न दस्तावेज और साक्ष्य सूची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। इससे प्रकरण की निष्पक्षता बनी रहेगी और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई को गति मिलेगी।
कार्यालय प्रमुखों की होगी जवाबदेही
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी कार्यालय में इस दिशा में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कार्यालय प्रमुख की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि निलंबन कोई अंतिम दंड नहीं बल्कि एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है, अतः इसका दुरुपयोग या प्रक्रियागत लापरवाही से कर्मचारी के अधिकारों और विभाग की प्रतिष्ठा दोनों को क्षति पहुंचती है।
प्रशासनिक अनुशासन सर्वोपरि
कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा, “प्रत्येक शासकीय सेवा अनुशासन और समयबद्ध कार्यप्रणाली पर आधारित है। यदि हम समय पर कार्रवाई नहीं करेंगे, तो न केवल दोषी बच निकलेंगे बल्कि ईमानदार कर्मचारियों का मनोबल भी टूटेगा। इसलिए सभी कार्यालय प्रमुख संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ इस दिशा में तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।”

