ब्लड कैंसर: देर से पहचान क्यों, जानें विशेषज्ञों की राय
कैंसर आज दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक बन चुका है। इनमें ब्लड कैंसर (Blood Cancer) यानी ल्यूकेमिया, लिंफोमा और मायलोमा जैसे प्रकार सबसे गंभीर माने जाते हैं। समस्या यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों से मिलते-जुलते हैं और मरीज उन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यही वजह है कि ब्लड कैंसर का पता अक्सर देर से चलता है। सितंबर माह को हर साल ब्लड कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है ताकि लोगों को समय रहते इसके बारे में जागरूक किया जा सके।
क्यों पहचान में आती है देर?
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग, नई दिल्ली के मेडिकल ऑन्कोलॉजी निदेशक डॉ. कुमारदीप दत्ता चौधरी बताते हैं कि ब्लड कैंसर के शुरुआती संकेत बहुत साधारण लगते हैं। लोग उन्हें तनाव, वायरल इन्फेक्शन, एनीमिया या लाइफस्टाइल से जुड़ी दिक्कत मानकर टाल देते हैं।
प्रमुख कारण:
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लक्षणों का सामान्य बीमारियों से मेल –
- थकान और कमजोरी को लोग तनाव या कामकाज का दबाव मान लेते हैं।
- बार-बार बुखार आना वायरल या मौसमी फ्लू समझ लिया जाता है।
- शरीर पर चोट के निशान या ब्लीडिंग को मामूली चोट या विटामिन की कमी मानकर अनदेखा कर दिया जाता है।
- अचानक वजन घटना और रात में पसीना आना भी अक्सर डाइट या एक्सरसाइज का नतीजा मान लिया जाता है।
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बढ़ती उम्र का असर –
वयस्कों में ब्लड कैंसर ज्यादा देखा जाता है। इस उम्र में डॉक्टर और मरीज पहले एनीमिया या इन्फेक्शन की संभावना पर ध्यान देते हैं, कैंसर पर नहीं। -
एक्टिव लाइफस्टाइल –
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग थकान और कमजोरी को सामान्य मानकर मेडिकल टेस्ट कराने से बचते हैं। -
धीरे-धीरे विकसित होने वाला कैंसर –
क्रोनिक ल्यूकेमिया और लिंफोमा जैसे ब्लड कैंसर महीनों में विकसित होते हैं। इनके लक्षण शुरुआत में इतने हल्के होते हैं कि कोई गंभीरता से जांच नहीं करवाता। -
जागरूकता का अभाव –
आम लोगों में अब भी ब्लड कैंसर के चेतावनी संकेतों के बारे में जानकारी कम है। नियमित ब्लड टेस्ट कराकर ही समय रहते इसकी पहचान संभव हो सकती है।
सावधानी और सलाह
- अचानक वजन घटने, बार-बार बुखार आने, शरीर पर असामान्य निशान बनने या बार-बार थकान महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
- बढ़ती उम्र में सालाना ब्लड टेस्ट कराना न भूलें।
- कम हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स या व्हाइट ब्लड सेल्स की असामान्य गिनती को नजरअंदाज न करें।
ब्लड कैंसर की जल्दी पहचान ही इसका सबसे बड़ा उपचार है। छोटी-सी अनदेखी मरीज को बड़े खतरे में डाल सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर लोग शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लें और समय रहते जांच कराएं, तो इस बीमारी से बचाव और उपचार दोनों ही संभव हैं।

