आज रात लगेगा साल का अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण
7–8 सितंबर को 3 घंटे 28 मिनट तक रहेगा खगोलीय दृश्य, लालिमा लिए ‘ब्लड मून’ का नजारा देख सकेंगे भारतवासी
7 सितंबर 2025 की रात आकाश में एक अनोखा खगोलीय चमत्कार देखने को मिलेगा। इस रात पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसे पूरे भारत में साफ-साफ देखा जा सकेगा। यह वर्ष 2025 का अंतिम चंद्र ग्रहण होगा और इसकी अवधि लगभग साढ़े तीन घंटे की होगी। खगोलविदों के अनुसार इस दौरान चंद्रमा का रंग बदलकर लालिमा युक्त हो जाएगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है।
⏰ ग्रहण का समय (भारतीय मानक समयानुसार)
ग्रहण प्रारंभ – रात 9:58 बजे
पूर्ण ग्रहण का मध्य (उच्च काल) – रात 11:41 बजे
ग्रहण समाप्त – मध्यरात्रि 1:26 बजे
कुल अवधि – 3 घंटे 28 मिनट
🌑 सूतक काल और धार्मिक मान्यताएँ
हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है।
सूतक काल आरंभ – दोपहर 12:56 बजे
सूतक काल समाप्त – रात 1:26 बजे (ग्रहण समाप्ति के साथ)
इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और देव प्रतिमाओं पर पर्दा डाल दिया जाता है। किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, भोजन बनाना या छूना वर्जित माना जाता है।
क्या करना चाहिए: जप, ध्यान, स्तोत्र पाठ और भजन-कीर्तन।
क्या नहीं करना चाहिए: सोना, भोजन करना, सिलाई-बुनाई, नुकीली वस्तुओं का प्रयोग।
🔭 वैज्ञानिक दृष्टिकोण
चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरती हुई सूर्य की किरणें अपवर्तित होकर चंद्रमा तक पहुंचती हैं और उसी कारण चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई देता है। इस अद्भुत दृश्य को ब्लड मून कहा जाता है।
🪔 ज्योतिषीय प्रभाव
यह पूर्ण चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में घटित होगा।
सकारात्मक संकेत: कृषि व वर्षा चक्र में सुधार, भूमि की उर्वरता बढ़ेगी।
संभावित चुनौतियाँ: राजनीति और सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थिरता, आम जन के स्वास्थ्य पर प्रभाव।
♈ राशिवार प्रभाव और उपाय
मेष: तनाव कम करने हेतु सुंदरकांड पाठ व लाल वस्त्र दान।
वृषभ: चंद्र दोष शांति हेतु शिव पूजन और सफेद वस्त्र दान।
मिथुन: गायत्री मंत्र जाप, हरित वस्तुओं का दान।
कर्क: सफेद वस्तुओं का दान, विशेषकर दूध व चावल।
सिंह: सूर्य मंत्र जाप, गेहूं व गुड़ का दान।
कन्या: दुर्गा सप्तशती पाठ, हरी मूंग व हरी सब्जियों का दान।
तुला: लक्ष्मी पूजन, चावल व चंदन दान।
वृश्चिक: हनुमान चालीसा पाठ, लाल वस्त्र दान।
धनु: बूंदी का भोग, पीली वस्तुओं का दान।
मकर: शनि पूजन, काले तिल व लोहे के बर्तन दान।
कुंभ: महामृत्युंजय मंत्र जाप, ऊनी वस्त्र दान।
मीन: विष्णु सहस्रनाम पाठ, मिश्री व चावल दान।
🤰 गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियाँ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए—
बाहर न निकलें और नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें।
इस अवधि में सोना वर्जित माना गया है।
यदि भोजन करना आवश्यक हो तो केवल ताजे फल लें।
ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और भगवान की प्रार्थना करना लाभकारी होता है।
🌍 कहां-कहां दिखाई देगा ग्रहण?
भारत: सभी राज्यों में साफ रूप से दिखेगा।
एशिया: नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, चीन, जापान तक इसका स्पष्ट नजारा।
अन्य महाद्वीप: यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में भी पूरा ग्रहण दिखेगा।
अमेरिका: कुछ क्षेत्रों में आंशिक रूप से देखा जा सकेगा।
📌 रीवा और मध्यप्रदेश में स्थानीय समय (7 सितंबर 2025)
सूतक आरंभ – दोपहर 12:56 बजे
ग्रहण आरंभ – रात 9:58 बजे
पूर्ण ग्रहण – रात 11:41 बजे
ग्रहण समाप्त – 1:26 बजे (8 सितंबर की मध्यरात्रि)
आज रात का पूर्ण चंद्र ग्रहण केवल खगोल विज्ञान का अद्भुत दृश्य नहीं, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जहां वैज्ञानिक इसे प्रकृति का सामान्य चमत्कार मानते हैं, वहीं आस्था रखने वाले लोग इस अवसर पर पूजा-पाठ और दान-पुण्य से अपने जीवन को मंगलमय बनाने का प्रयास करेंगे। ‘ब्लड मून’ का यह अनोखा नजारा निस्संदेह लोगों की स्मृतियों में लंबे समय तक रहेगा।


