जज को मिली पांच अरब की फिरौती की धमकी, रीवा संभाग दहशत में
प्रयागराज से आया धमकी भरा पत्र, डकैत हनुमान के गिरोह का नाम लेकर दी गई चेतावनी – “जिंदा रहना है तो जंगल में रकम पहुंचाओ”
विंध्य अंचल के रीवा जिले का त्योंथर तहसील क्षेत्र इन दिनों भारी सनसनी और दहशत के साए में है। यहां पदस्थ प्रथम व्यवहार न्यायाधीश मोहिनी भदौरिया को डाक के जरिए ऐसा धमकी भरा पत्र मिला है, जिसने न केवल न्यायपालिका बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिला कर रख दिया है। पत्र में पांच अरब रुपये की फिरौती की मांग की गई है और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई है।
प्रयागराज से भेजा गया स्पीड पोस्ट
यह धमकी भरा पत्र उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया। पत्र में नाम लोहगारा (थाना बारा) निवासी संदीप सिंह का दर्ज है। खुद को कुख्यात दस्यु सरगना डकैत हनुमान का साथी बताते हुए पत्र में लिखा गया — “जिंदा रहना है तो पांच अरब रुपये लेकर एक सितम्बर की शाम 7:45 बजे तक बड़गड़ के जंगल पहुंचो।”
न्यायिक तंत्र को सीधी चुनौती
न्यायाधीशों को इस तरह धमकी भरा पत्र भेजना सामान्य आपराधिक हरकत से कहीं ज्यादा बड़ा मामला है। यह न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि न्यायपालिका की साख और गरिमा पर भी सीधा हमला है। इस घटना के बाद से न्यायालय परिसर में भय और आशंका का माहौल व्याप्त है।
पुलिस ने कसा शिकंजा
रीवा के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने बताया कि पत्र प्राप्त होने के बाद तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी तलाश में विशेष पुलिस दल प्रयागराज रवाना कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि “पुलिस किसी भी कीमत पर इस तरह की आपराधिक मानसिकता को बख्शेगी नहीं। बहुत जल्द आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।”
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
घटना के बाद से न्यायालय परिसर और न्यायाधीश के आवास पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है। उच्च पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी व्यक्तिगत स्तर पर मामले की निगरानी कर रहे हैं।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
इससे पहले दिल्ली, वाराणसी और ओडिशा में भी न्यायाधीशों को धमकी मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। कहीं कोर्टरूम में ही धमकी दी गई तो कहीं पत्र या फोन कॉल के जरिए डराने का प्रयास किया गया। लेकिन रीवा का यह मामला अलग इसलिए है क्योंकि इसमें डकैत गिरोह का हवाला देकर भारी भरकम रकम की मांग की गई है।

