📰 हनुमना के कोन गांव में युवक को निर्वस्त्र कर घुमाने का वीडियो वायरल — तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
मऊगंज। मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र के कोन गांव में घटित एक अत्यंत शर्मनाक और अमानवीय घटना का वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे क्षेत्र में आक्रोश और सनसनी फैल गई। वायरल वीडियो में एक युवक को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाए जाने का दृश्य सामने आया, जिसके बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया।
जैसे ही वीडियो की जानकारी पुलिस अधिकारियों तक पहुंची, पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन में तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस ने देर शाम तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी फरार बताया गया है।
💬 घटना का विवरण
फरियादी मनीष यादव (24 वर्ष) पिता काशी प्रसाद यादव, निवासी ग्राम शिवराजपुर, हाल निवासी कोन गांव ने बताया कि यह घटना 26 अगस्त की है। तीजा के दिन सुबह लगभग 9 से 10 बजे के बीच गांव के ही लालमणि कुशवाहा, सोनू उर्फ सोहनलाल कुशवाहा, अनिल कुशवाहा और सुनील कुशवाहा उसके पास आए और शराब पीने के लिए ₹1200 की मांग की।
जब उसने पैसे देने से इंकार किया, तो चारों आरोपियों ने उसे पकड़ लिया, गाली-गलौज और बेरहमी से मारपीट की, फिर निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया। इस दौरान आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया और धमकी दी कि अगर उसने पुलिस में रिपोर्ट की, तो उसकी हत्या कर दी जाएगी।
मनीष ने बताया कि आरोपियों ने उसे रस्सी से बांधकर जंगल में कई घंटे तक बंधक बनाकर रखा था। बाद में मौका पाकर वह किसी तरह भाग निकला और जान बचाकर इलाहाबाद चला गया। भय और धमकी के कारण उसने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।
📸 वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस
करीब डेढ़ महीने बाद, शनिवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में युवक को निर्वस्त्र हालत में गांव की गलियों में घुमाते हुए देखा गया। वीडियो वायरल होते ही हनुमना थाना पुलिस हरकत में आई और 4 अक्टूबर की दोपहर पीड़ित से शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दिलीप कुमार सोनी ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस ने तीन आरोपियों — लालमणि, सोनू और अनिल कुशवाहा — को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौथा आरोपी सुनील कुशवाहा फरार बताया गया है। उसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीम तैनात की गई है।
🧩 प्रशासनिक सतर्कता पर उठे सवाल
यह मामला न केवल मानवता को झकझोरने वाला है, बल्कि स्थानीय खुफिया तंत्र की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना 26 अगस्त की होने के बावजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी, जबकि पीड़ित को पूरे गांव में घुमाया गया था। यह स्पष्ट करता है कि गांव और पुलिस के बीच संवाद व निगरानी प्रणाली कितनी कमजोर है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि वीडियो वायरल न होता, तो संभवतः यह मामला दबा रह जाता। मऊगंज क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील इलाका माना जाता है, लेकिन इतनी बड़ी घटना के बावजूद पुलिस और प्रशासन तक सूचना न पहुंचना एक चिंताजनक स्थिति है।
⚖️ एसपी ने क्या कहा
पुलिस अधीक्षक श्री दिलीप कुमार सोनी ने बताया कि, “घटना भले ही पुरानी है, लेकिन वीडियो के सामने आते ही हमने इसे गंभीरता से लिया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और चौथे की तलाश जारी है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

