रीवा/मऊगंज : वायरल ऑडियो प्रकरण में कलेक्टर का बड़ा एक्शन — उपयंत्री प्रवीण पांडेय की सेवा समाप्त, कार्यपालन यंत्री एस.बी. रावत निलंबित
मऊगंज जिले में वायरल ऑडियो विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। कलेक्टर मऊगंज संजय कुमार जैन ने इस मामले में "ज़ीरो टॉलरेंस" अपनाते हुए दो अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है।
जहाँ कार्यपालन यंत्री एस.बी. रावत को न्यायालय एवं कलेक्टर के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कमिश्नर रीवा संभाग ने निलंबित कर दिया है, वहीं जनपद शिक्षा केंद्र नईगढ़ी में पदस्थ उपयंत्री प्रवीण कुमार पाण्डेय की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
कैसे सामने आया पूरा मामला? वायरल ऑडियो में कलेक्टर और हाईकोर्ट तक का जिक्र
कुछ दिन पहले एक वायरल ऑडियो सामने आया था।
इसमें कार्यपालन यंत्री एस.बी. रावत और जनपद शिक्षा केंद्र नईगढ़ी के उपयंत्री प्रवीण पांडेय के बीच बातचीत में ऐसे गंभीर संकेत मिले कि:
कलेक्टर मऊगंज और हाई कोर्ट तक "संपर्क कर मामला निपटाने" की कथित बातें चर्चा में थीं
"5 लाख रुपये दे देते तो यह नौबत नहीं आती" जैसी अत्यंत गंभीर व अनुशासनहीन टिप्पणी की गई
न्यायालय की मर्यादा और प्रशासन की छवि को ठेस पहुंचाने वाले कथन स्पष्ट रूप से सुनाई दिए
यह ऑडियो सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। कलेक्टर मऊगंज ने इसे न्यायालय की अवमानना और प्रशासनिक अनुशासनहीनता का गंभीर मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की।
उपयंत्री प्रवीण पांडेय की सेवा समाप्त
कलेक्टर मऊगंज द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
प्रवीण पांडेय पर न्यायालयीन आदेशों को लेकर अनुचित टिप्पणी,
रिश्वत जैसे गंभीर संकेतों वाली बातें,
तथा सेवा आचरण नियमों के खुले उल्लंघन
सिद्ध होने पर उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 एवं संविदा सेवा शर्तों के तहत सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया गया।
कलेक्टर ने स्पष्ट लिखा है कि पांडेय का आचरण शासन की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है, इसलिए संविदा सेवा को तत्काल समाप्त किया जाता है।
कार्यपालन यंत्री एस.बी. रावत पर भी बड़ी कार्रवाई — निलंबित
इसी मामले में कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक-2 एस.बी. रावत पर भी कार्रवाई की गई है।
रावत का वायरल ऑडियो सामने आने के बाद
कलेक्टर मऊगंज ने विस्तृत रिपोर्ट कमिश्नर को भेजी
रावत से स्पष्टीकरण मांगा गया, जो असंतोषजनक पाया गया
कमिश्नर रीवा संभाग ने उन्हें
मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत
तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि में रावत का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय रीवा रखा गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
कलेक्टर मऊगंज का सख्त संदेश — भ्रष्टाचार और न्यायालय की अवमानना पर जीरो टॉलरेंस
इन दोनों मामलों में हुई त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि:
न्यायालय की प्रतिष्ठा से खिलवाड़,
रिश्वत जैसी बातें,
या प्रशासन की साख को ठेस पहुंचाने वाले कार्य
किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
कलेक्टर मऊगंज का यह कदम सरकारी व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।


