बाल दिवस पर पतंजलि पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल, गढ़ में तीन दिवसीय खेल महोत्सव का भव्य समापन
बच्चों की प्रतिभा, उमंग और सौहार्द का अद्भुत संगम
बाल दिवस के पावन अवसर पर पतंजलि पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल, गढ़ में तीन दिवसीय खेल महोत्सव का समापन शनिवार 14 नवम्बर 2025 को शानदार तरीके से किया गया। पूरा विद्यालय प्रांगण बच्चों की हंसी, खेल भावना और उत्साह से गूंज उठा। स्कूल प्रबंधन द्वारा आयोजित यह खेल महोत्सव बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें पढ़ाई के साथ खेल में भी उत्कृष्ट बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
तीन दिनों तक खेलों का रोमांच, बच्चों ने दिखाया दमखम
11 नवम्बर से आरंभ हुए इस खेल महोत्सव में विभिन्न खेलों की आकर्षक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।
प्रतियोगिताओं में शामिल थे—
कबड्डी
खो-खो
लंबी-दौड़ एवं छोटा रेस
रस्साकशी
हर वर्ग के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मैदान में विद्यार्थियों का जोश देखते ही बनता था। बच्चों ने न सिर्फ जीत का जज्बा दिखाया, बल्कि खेल भावना और अनुशासन का भी उत्कृष्ट परिचय दिया।
बाल दिवस पर हुआ समापन — प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य ने बढ़ाया हौसला
14 नवम्बर, देश के पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की जयंती और बाल दिवस के अवसर पर आयोजित समापन समारोह में स्कूल प्रबंधक अनिल त्रिपाठी तथा प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार ओझा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
दोनों अतिथियों ने सभी प्रतियोगिताओं के विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों से मिलकर उनकी सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
उन्होंने कहा—
“खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य का आधार हैं। बच्चे देश का भविष्य हैं, उन्हें अवसर और मंच प्रदान करना हमारा कर्तव्य है।”
उनकी उपस्थिति से बच्चों में उत्साह दोगुना दिखाई दिया।
बाल दिवस पर विशेष भोजन आयोजन — खुशियों से भरा माहौल
बाल दिवस को और विशेष बनाने के लिए विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और पूरे विद्यालय स्टाफ के लिए सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई।
भोजन के दौरान बच्चों की मुस्कान, शिक्षकों का स्नेह और स्टाफ का सहयोग—यह सब मिलकर एक परिवार जैसा वातावरण उत्पन्न कर रहा था।
विद्यालय परिसर में अनुशासित और सफल आयोजन
संपूर्ण खेल महोत्सव विद्यालय के विशाल मैदान में अत्यंत अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ। खेल-प्रभारी शिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ ने तीनों दिनों तक प्रतियोगिताओं को सुचारू रूप से संचालित किया।
बाल दिवस पर संपन्न यह तीन दिवसीय खेल महोत्सव बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और ऊर्जा का अद्भुत संगम साबित हुआ।
कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह और शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलकर यह संदेश देता है कि—
“जहाँ खेल, वहाँ विकास — जहाँ बच्चे, वहाँ भविष्य।”





