रीवा–मऊगंज में गुटखा, पान मसाला व सिगरेट की कालाबाजारी जोरों पर
निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूले जाने से उपभोक्ता परेशान, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
रीवा। रीवा एवं मऊगंज जिलों में इन दिनों गुटखा, पान मसाला और सिगरेट की कालाबाजारी जोरों पर होने के आरोप सामने आ रहे हैं। बाजार में तंबाकू उत्पाद निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे दुकानदार भी परेशान हैं। क्षेत्र में लगातार बढ़ती मुनाफाखोरी को लेकर व्यापारियों और ग्राहकों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, थोक विक्रेताओं एवं डीलरों द्वारा गुटखा और पान मसाला का कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर बाजार में ऊंचे दामों पर बिक्री की जा रही है। आरोप है कि गोदामों में भारी मात्रा में स्टॉक जमा कर सप्लाई सीमित कर दी जाती है, जिससे बाजार में कमी का माहौल बनता है और कीमतें स्वतः बढ़ जाती हैं।
नाम न छापने की शर्त पर एक किराना दुकान संचालक ने बताया कि शुद्ध प्लस, राजश्री, पान पारस सहित कई तंबाकू उत्पादों की सप्लाई डीलरों द्वारा नियंत्रित की जा रही है। उन्हें पुराने स्टॉक को भी निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके कारण छोटे दुकानदारों को अधिक कीमत पर सामान बेचना पड़ता है, जिससे ग्राहकों में नाराजगी बढ़ रही है।
व्यापारियों का कहना है कि डीलर स्टॉक कम आने का हवाला देकर मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। इससे बाजार व्यवस्था प्रभावित हो रही है और उपभोक्ताओं को दोगुनी कीमत तक चुकानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों द्वारा नियमित जांच और निगरानी के अभाव में कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है।
क्षेत्र के नागरिकों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि तंबाकू उत्पादों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, थोक विक्रेताओं के गोदामों की जांच कराई जाए तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो बाजार में कीमतों पर लगाम लगाना मुश्किल हो जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस मामले में जिला प्रशासन, खाद्य एवं औषधि विभाग तथा संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि बाजार में मूल्य नियंत्रण सुनिश्चित हो सके और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।



