होली के दिन खून से रंगा मऊगंज: पुरानी रंजिश में 55 वर्षीय रघुवीर पटेल की पीट-पीटकर हत्या, गांव में तनाव
मऊगंज/हनुमना।
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में एक बार फिर खून-खराबे की घटना सामने आई है। गडरा कांड के बाद अब हनुमना थाना क्षेत्र के ढाबा गौतमान गांव में होली के दिन एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुरानी रंजिश और कथित प्रेम प्रसंग को लेकर हुए इस विवाद में 55 वर्षीय रघुवीर पटेल की जान चली गई, जबकि दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हनुमना थाना क्षेत्र के ढाबा गौतमान गांव निवासी रघुवीर पटेल के पुत्र पूरन लाल पटेल का गांव के ही साकेत परिवार की एक युवती से कथित प्रेम प्रसंग चल रहा था। बताया जाता है कि करीब दो वर्ष पूर्व दोनों ने घर से भागने का प्रयास किया था, जिसके बाद मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया था। पुलिस ने युवती को बरामद कर उसके बयान दर्ज किए थे, जिसके आधार पर रघुवीर पटेल के बेटे पूरन लाल पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। यह मामला लंबे समय तक न्यायालय में चला और हाल ही में न्यायालय ने पूरन लाल पटेल को आरोपों से बरी कर दिया।
बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच रंजिश बनी हुई थी। आरोप है कि न्यायालय से बरी होने के बाद साकेत परिवार के लोगों ने इसका बदला लेने की योजना बनाई। होली के दिन 4 मार्च को जब गांव में लोग रंग और उत्सव में डूबे हुए थे, उसी दौरान साकेत परिवार के करीब 18 से 20 लोग एकत्र होकर पूरन लाल पटेल के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगे।
हल्ला-गुहार सुनकर जब पूरन लाल के पिता रघुवीर पटेल बीच-बचाव करने पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें भी घेर लिया और बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान रघुवीर पटेल के सिर पर पत्थर से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें रघुवीर पटेल, उनकी पत्नी, बेटा पूरन लाल पटेल और संदीप पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान रघुवीर पटेल ने दम तोड़ दिया।
वहीं इस झड़प में साकेत परिवार के भी लगभग पांच लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी।
रघुवीर पटेल की मौत के बाद गांव में आक्रोश का माहौल बन गया। पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। मऊगंज की एसडीओपी सची पाठक स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुटी हुई हैं और परिजनों को समझाइश देने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है तथा आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं।
इस घटना के बाद एक बार फिर जिले में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दोनों पक्षों के बीच चल रही रंजिश को शांत कराया जाता तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

