पूर्वजों के आशीर्वाद से उपाध्याय परिवार में श्रीमद्भागवत कथा एवं व्रतबंध संस्कार का भव्य आयोजन
गढ़, जिला रीवा (म.प्र.)।
रीवा जिले के गढ़ क्षेत्र में धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जहां उपाध्याय परिवार द्वारा अपने पूर्वजों के पुण्य आशीर्वाद से भव्य संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं व्रतबंध (जनेऊ) संस्कार का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल परिवार बल्कि समूचे क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बन गया है।
इस सात दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव का शुभारंभ 16 अप्रैल 2026 से हुआ, जो 22 अप्रैल 2026 तक विधिवत संचालित होगा। कथा का रसपान वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के ख्यातिप्राप्त कथा व्यास आचार्य अतुलकृष्ण शांडिल्य महाराज जी के मुखारविंद से कराया जा रहा है, जिनकी ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण प्रस्तुति श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर रही है।
भक्ति, ज्ञान और संस्कृति का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत 16 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा, भागवत महात्म्य एवं मंगलाचरण के साथ हुई। इसके बाद प्रतिदिन कथा में भगवान के विविध अवतारों एवं प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है। 17 से 21 अप्रैल के बीच कपिल अवतार, शिव-सती चरित्र, ध्रुव एवं प्रह्लाद की भक्ति गाथाएं, श्रीराम अवतार, भगवान श्रीकृष्ण जन्म, माखन चोरी, गोवर्धन पूजा एवं रुक्मणी विवाह जैसे प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
22 अप्रैल को सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष के साथ कथा का समापन एवं पूर्णाहुति संपन्न होगी।
व्रतबंध संस्कार और विशाल भंडारा
इस धार्मिक आयोजन के साथ ही उपाध्याय परिवार के बालक चि. रुद्रांश का व्रतबंध (जनेऊ) संस्कार भी पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जा रहा है। संस्कार उपरांत 23 अप्रैल 2026, गुरुवार को ब्राह्मण भोजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन रखा गया है, जो दोपहर 1 बजे से प्रभु इच्छा तक निरंतर चलेगा। इसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
आयोजन स्थल एवं व्यवस्थाएं
समस्त कार्यक्रम उपाध्याय मेमोरियल स्कूल, गढ़ (जिला रीवा) के विशाल प्रांगण में आयोजित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। कथा पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और भक्ति संगीत की मधुर ध्वनि पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना रही है।
परिवार की सहभागिता और सामाजिक संदेश
इस आयोजन के मुख्य यजमान विनयशंकर उपाध्याय एवं श्रीमती रिचा उपाध्याय हैं। कथा श्रवण में श्रीमती माधुरी उपाध्याय (धर्मपत्नी स्व. श्रीनाथ उपाध्याय) विशेष रूप से उपस्थित हैं। उपाध्याय परिवार के नरेन्द्र नाथ, अमर नाथ एवं भोलानाथ उपाध्याय सहित समस्त सदस्य आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भजन संध्या को और अधिक सजीव बनाने के लिए प्रसिद्ध भजन गायक हेमंत तिवारी एवं वादक रोहित विंजो अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रहे हैं।
धार्मिक और सामाजिक समरसता का प्रतीक
यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कार और परंपराओं के संरक्षण का सशक्त माध्यम भी बन रहा है। क्षेत्रवासियों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन कथा श्रवण हेतु पहुंच रहे हैं।
इस प्रकार, गढ़ में आयोजित यह भव्य धार्मिक कार्यक्रम आस्था, संस्कृति और सामुदायिक समरसता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।


