गढ़ थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर चालक से मारपीट, सोने की चैन व नकदी लूटने का आरोप
पीड़ित ने थाने में दिया आवेदन, 10 से अधिक लोगों पर घेरकर हमला करने की शिकायत
रीवा। जिले के गढ़ थाना क्षेत्र से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां गेहूं तौलकर घर लौट रहे एक किसान एवं ट्रैक्टर चालक के साथ कथित रूप से रास्ता रोककर मारपीट किए जाने, गले से सोने की चैन छीनने तथा नगद राशि लूट लेने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने गढ़ थाने में लिखित आवेदन देकर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिरेया निवासी दिवाकर सिंह (उम्र 34 वर्ष) ने थाना प्रभारी गढ़ को दिए आवेदन में बताया है कि वह 24 अप्रैल 2026 की शाम लगभग 7 बजे गढ़ सोसाइटी में गेहूं तौलवाकर अपने ट्रैक्टर से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वह मंडी मोड़ के पास पहुंचे, तभी पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।
पीड़ित का आरोप है कि छोटू साकेत पिता शिवकुमार साकेत निवासी लोरी नंबर-03 सहित लगभग 10 अन्य व्यक्तियों ने उन्हें घेर लिया और अचानक हमला कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की, फिर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनके गले से सोने की चैन छीन ली गई तथा जेब में रखी करीब 12 हजार रुपये नकद राशि भी निकाल ली गई।
गले में आई चोट, अन्य हिस्सों में भी हमले के आरोप
दिवाकर सिंह ने आवेदन में उल्लेख किया है कि मारपीट के दौरान उनके गले में चोट आई है। घटना के बाद वह किसी तरह वहां से निकले और पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में रामनरेश गुप्ता का नाम भी बताया है, जिन्होंने कथित तौर पर पूरी घटना देखी और सुनी है।
समिति प्रबंधन की भूमिका पर भी उठे सवाल
शिकायत में पीड़ित ने यह भी कहा है कि गढ़ सोसाइटी के समिति प्रबंधक अखण्ड कुमार मिश्रा को आरोपियों की पहचान एवं घटना की जानकारी हो सकती है। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि घटना सार्वजनिक स्थल और मंडी क्षेत्र के समीप हुई, तो वहां मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया।
मंडी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब किसान उपज बेचने और तौल कराने के लिए बड़ी संख्या में मंडियों एवं सोसाइटियों में पहुंच रहे हैं। यदि किसानों को उपज बेचकर घर लौटते समय इस तरह रास्ते में लूटा और पीटा जाएगा, तो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े होना स्वाभाविक है। ग्रामीणों का कहना है कि मंडी मार्गों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की आवश्यकता है।

