पुलिस अधीक्षक रीवा गुरकरण सिंह ने ग्रामीण अंचलों के थानों का किया औचक निरीक्षण, कानून व्यवस्था व संसाधनों की समीक्षा
रीवा जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रीवा गुरकरण सिंह ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित गढ़ थाना सहित ग्रामीण अंचलों के विभिन्न थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना व्यवस्थाओं, पुलिस बल की उपलब्धता, अपराध नियंत्रण व्यवस्था एवं जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया।
पुलिस अधीक्षक का यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी बढ़ाने और पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसरों की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के संधारण, लंबित प्रकरणों, अपराध नियंत्रण, गश्त व्यवस्था तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता की विस्तार से समीक्षा की।
मीडिया से चर्चा करते हुए पुलिस अधीक्षक गुरुकर्ण सिंह ने कहा कि वे क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं और ग्रामीण अंचलों के थानों की स्थिति, संसाधनों एवं कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से तराई और दूरस्थ क्षेत्रों में पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीण थानों में पुलिस बल की कमी संबंधी सवाल पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह चुनौती कई स्थानों पर मौजूद है, लेकिन आने वाले समय में इस दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। उन्होंने संकेत दिया कि पुलिस बल की कमी को दूर करने तथा संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने को लेकर उच्च स्तर पर प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों के साथ पुलिस टीम पूरी सक्रियता से कार्य कर रही है तथा अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए, आम नागरिकों से बेहतर संवाद स्थापित किया जाए और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीण अंचलों में पुलिस अधीक्षक द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण को प्रशासनिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे थानों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा तथा अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

