जिला प्रशासन ने MPRDC पर नहीं कसी नकेल सोहागी पहाड़ में फिर हुआ भीषण हादसा।
मध्यप्रदेश के संभाग आयुक्त रीवा बीएस जामोद और कलेक्टर रीवा प्रतिभा पाल के कार्यकाल में रीवा संभाग और जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाएं ध्वस्त होती नजर आ रही हैं। हालांकि दिखावे के तौर पर आए दिन मीटिंग पर मीटिंग और दिखावटी दौरे होते रहते हैं जो मीडिया के माध्यम से पीआरओ द्वारा खूब प्रचारित किए जाकर सरकारी महकमे का प्रोपोगंडा फैलाया जाता रहता है और कागजी निर्देश भी खूब जारी किए जाते रहते हैं लेकिन मौके धरातल पर इनका कहीं कोई पालन होता नजर नहीं आ रहा है। चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेसहारा बेजुबान पशुओं की दुर्घटनाओं से मौत हो अथवा आम नागरिकों की मौत इसे संभाग और जिले प्रशासन को विशेष कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा है।
समाजसेवियों ने कहा कि आए दिन सुबह से शाम तक मीडिया में संभाग और जिले के आलाधिकारी नेताओं और मंत्रियों के आगे पीछे फोटोशूट करवाते नजर आते रहते हैं। कहीं इधर मीटिंग तो उधर मीटिंग तो कहीं लोकार्पण तो कहीं शिलान्यास के दिखावे चलते रहते हैं लेकिन स्थितियां यह हैं की संभाग आयुक्त और जिला कलेक्टर को जिन महत्वपूर्ण संरचनाओं और व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए उस पर इनका कोई ध्यान नहीं है। अब आप मनगवां से चाकघाट वाया सोहागी पहाड़ का राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 30 को ही देख लें तो पता चलेगा की सोहागी पहाड़ में आए दिन हादसे होते रहते हैं।
सोहागी पहाड़ में हो रही दुर्घटनाओं को लेकर सामाजिक चिंतकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा समय-समय पर शिकायतें की गई, ज्वलंत मुद्दे उठाए गए, इन आला अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे गए और इसके बाद जांचों की खानापूर्ति भी हुई, बड़ी-बड़ी कमेटी गठित हुई मजिस्टिकल जांच तक के आदेश हुए लेकिन उन जांचों के बाद क्या कुछ जिला प्रशासन अथवा संभाग आयुक्त के द्वारा किया गया इसका कोई अता पता नहीं है।
बड़ा सवाल यह है की आम आदमी की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है और जिला और संभाग प्रशासन अजगरी निद्रा में सो रहा है। चाहे वह सोहागी टोल प्लाजा हो अथवा जोगिनहाई रायपुर कर्चुलियान के पास का टोल प्लाजा हर जगह बेतहाशा वसूली का खेल चल रहा है। अभी पिछले दिनों सोहागी पहाड़ से आरटीओ चेक पोस्ट हटाए जाने के बाद भी आरटीओ पुलिस धड़ाधड़ अवैध वसूली में लगी हुई है जिसके वीडियो भी कई ट्रक ड्राइवर के मार्फत वायरल हुए हैं लेकिन इसके बावजूद भी जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल संभाग आयुक्त बीएस जामोद और एसपी रीवा विवेक सिंह को इनसे कोई फर्क नहीं पड़ता।
रात के 10 बजे कृषि कार्यालय से महिंद्रा टैक्टर में 128बोरी चना ,18 बोरी मसूर, 2 बोरी मटर लदा हुआ था जिसका हम सभी किसानों ने विरोध किया तो कृषि विभाग का स्टोर कीपर तुरन्त कार्यालय में ताला बंद कर भाग गए जब कृषि कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी SDO से बात हुई तो बोले ये अवैध है इसको पुलिस थाना ले जाओ फिर किसानों ने टैक्टर को थाने में खड़ा करवा दिया गया और आवेदन बनाकर थाना में देकर रिसीव कापी ले लिया गया है शिकायत कर्ता अखिलेश पटेल ,शैलेन्द्र पटेल,लक्ष्मण पटेल ,चंद्रप्रकाश मिश्रा, अंकित मिश्रा,विकाश पटेल, उमेश पटेल ,उमाशंकर पटेल और मौजूद सभी किसान थे जिसकी वीडियो और फोटो है संलग्न है थाना प्रभारी को इसकी सूचना दी गई फोन पर तो उन्होंने कहा गाड़ी ले जाकर थाने में खड़ी करवा दो किसानो की उपस्थिति में ट्रैक्टर जो बीज से लदा हुआ था थाने में खड़ा करवा दिया गया उस समय थाने के सिपाहियों द्वारा किसान के साथ अभद्रता की गई आरक्षक अमित पांडे एवं आरक्षक शुक्ला ने किसान को धक्का देकर थाने से बाहर करने की कोशिश की गई

