भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को छिपाने के लिए युद्धस्तर पर लीपापोती
रीवा।
दिल्ली से आने वाली केंद्रीय रिव्यू मिशन (सीआरएम) टीम के संभावित दौरे से रीवा का स्वास्थ्य विभाग बुरी तरह घबराया हुआ है। जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नाकामियों को छिपाने के लिए रातों-रात तैयारियां की जा रही हैं। वर्षों से उपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं को अचानक सक्रिय किया जा रहा है। अस्पतालों की दीवारों पर रंग-रोगन और फर्नीचर की मरम्मत के साथ पुराने दस्तावेजों को सुधारने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
सूत्रों का कहना है कि विभाग में घोटालों और अनियमितताओं का इतिहास रहा है। दवा खरीदी से लेकर उपकरणों की आपूर्ति तक, हर स्तर पर भ्रष्टाचार ने स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर कर दिया है।
घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश
स्वास्थ्य विभाग पर वर्षों से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। दवाइयों की खरीद और सामग्री आपूर्ति में लाखों रुपये का घोटाला अब किसी से छिपा नहीं है। विभाग के कई अधिकारी और नकली प्रभारी इस खेल में शामिल बताए जाते हैं, जो शासन से आने वाले फंड्स का दुरुपयोग कर करोड़ों के मालिक बन गए। सामाजिक संगठनों द्वारा की गई शिकायतों के बावजूद, ऊपरी अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
दिखावे के लिए हो रहा सुधार कार्य
सीआरएम टीम की विजिट को लेकर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को चमकाने की कवायद की जा रही है। लंबे समय से बंद पड़े अस्पतालों को चालू दिखाने के लिए नए रजिस्टर छपवाए जा रहे हैं। कर्मचारियों पर पुराने रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित करने का दबाव बनाया जा रहा है।
अवैध क्लीनिकों पर अधिकारी मौन
रीवा जिले में अवैध क्लीनिक और मेडिकल स्टोर खुलेआम संचालित हो रहे हैं। इन पर कार्रवाई करने के बजाय अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टर ड्यूटी के दौरान भी निजी प्रैक्टिस करते पाए गए हैं। इस वर्ष जनवरी में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए "सार्थक ऐप" का आदेश जारी किया गया था, लेकिन 11 महीने बाद भी इसे लागू नहीं किया जा सका।
पसंदीदा लोगों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
सीएमएचओ कार्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर चहेतों और रिश्तेदारों को बिठाने के आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में भी अनियमितताएं सामने आईं, जहां एक ही परिवार के कई सदस्यों को नौकरी दे दी गई।
टीम की विजिट से बड़ा खुलासा संभव
सीआरएम टीम की विजिट में स्वास्थ्य विभाग की नाकामियों का खुलासा होना लगभग तय है। अधिकारियों की हड़बड़ाहट और ताबड़तोड़ तैयारियां इस डर को बयां कर रही हैं। अब देखना यह है कि क्या यह लीपापोती टीम को गुमराह कर पाएगी, या स्वास्थ्य विभाग का असली चेहरा सामने आएगा।

