रीवा, 16 नवंबर 2024: थाना गढ़ क्षेत्र के बारहट गौशाला के पास 12 नवंबर को हुई भेड़ों की चोरी की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस चोरी में 20 नग भेड़ी और 10 नाग भेड़ें गायब हो गईं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹4 लाख है। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद, पशुपालकों को अपनी भेड़ों की तलाश खुद करनी पड़ी, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पशुपालकों ने खुद संभाली जिम्मेदारी
बकरीपालक सत्यवान पाल, सजीवन पाल, सोखी लाल पाल और दिनेश पाल ने मिलकर चोरों का पता लगाया और आज सुबह पुलिस को इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, चोरी की गई भेड़ें एक संदिग्ध स्थान पर छिपाई गई हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है और बताए गए स्थान पर जाने की तैयारी कर रही है।
पुलिस की सुस्ती से बढ़ी परेशानी
पशुपालकों का कहना है कि पुलिस ने केवल कागजों में शिकायत दर्ज की और उनसे ही भेड़ों की खोज करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
रीवा जिले में पहले भी चोरी, डकैती और राहजनी की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन हाल ही में बकरी, भेड़ और भैंस की चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। पशुपालकों के अनुसार, प्रशासन की उदासीनता गरीब किसानों की आजीविका पर सीधा हमला है।
बढ़ती घटनाएं, घटती सुरक्षा
रीवा जिले में चोरी की गई भेड़-बकरियां अक्सर मंदिरों और बाजारों में ऊंचे दामों पर बेची जाती हैं। पशुपालकों ने बताया कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा साधन नहीं हैं, जिससे वे खुद को और अपने पशुओं को सुरक्षित नहीं रख पाते।
पुलिस और प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन जवाब नहीं मिला।
क्या मिलेगा न्याय?
अब सवाल यह है कि क्या पुलिस चोरों तक पहुंचकर भेड़ों को बरामद कर पाएगी? क्या प्रशासन पशुपालकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा? पशुपालकों को अब भी न्याय की उम्मीद है, लेकिन यह तो वक्त ही बताएगा कि उनकी यह उम्मीद पूरी होती है या नहीं।

