प्रधान आरक्षक 15,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
लोकायुक्त की सख्त कार्रवाई, क्षेत्र में भ्रष्टाचारियों में हड़कंप
विंध्य वसुंधरा समाचार
सीधी। लोकायुक्त रीवा की टीम ने शुक्रवार को ग्राम खड्डी खुर्द, थाना रामपुर नैकिन में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी को 15,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने यह रिश्वत जमानत दिलाने के नाम पर मांगी थी। इस कार्रवाई ने प्रशासन की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख को स्पष्ट किया है।
शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई
ग्राम खड्डी खुर्द निवासी दिवाकर प्रसाद द्विवेदी ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे और भांजे को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिनकी जमानत के लिए प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी 15,000 रुपये की मांग कर रहा है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा ने शिकायत को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच का आदेश दिया। सत्यापन के दौरान आरोपी ने रिश्वत मांगने की पुष्टि की, जिसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
ट्रैप कार्रवाई: कैसे रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी?
27 दिसंबर 2024 को लोकायुक्त पुलिस की 12 सदस्यीय टीम ने उप पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र कुमार के नेतृत्व में गोपनीय तरीके से कार्रवाई की योजना बनाई। शिकायतकर्ता के घर पर जैसे ही प्रधान आरक्षक ने 15,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने मौके पर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई का विवरण
आरोपी का नाम: बृजेश तिवारी, प्रधान आरक्षक, चौकी खड्डी, थाना रामपुर नैकिन।
शिकायतकर्ता: दिवाकर प्रसाद द्विवेदी, निवासी ग्राम खड्डी खुर्द।
रिश्वत राशि: 15,000 रुपये।
घटनास्थल: शिकायतकर्ता का घर, ग्राम खड्डी खुर्द।
टीम का नेतृत्व: प्रमेंद्र कुमार, उप पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त रीवा।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा ने कहा, “भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता को न्याय दिलाना है।”
जनता में संतोष, भ्रष्ट अधिकारियों में खलबली
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोकायुक्त की सराहना हो रही है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयां भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में कारगर साबित होंगी। वहीं, सरकारी महकमों में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है।
लोकायुक्त की रणनीति: भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान
लोकायुक्त ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी सरकारी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस प्रकार की कार्रवाइयों से न केवल भ्रष्टाचारियों में भय व्याप्त होगा, बल्कि आम जनता का प्रशासन और न्यायिक प्रणाली पर विश्वास भी बढ़ेगा।
यह कार्रवाई प्रशासन की पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने
की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

