सौरभ शर्मा मामले में BJP विधायक प्रीतम लोधी के गंभीर आरोप: पूर्व विधायक की काली कमाई और दूसरी पत्नी का किया दावा
पिछोर (शिवपुरी)।
आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर हुई आयकर विभाग की छापेमारी और करोड़ों की संपत्ति बरामदगी के बाद यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। पिछोर के विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक केपी सिंह पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सौरभ शर्मा के पास मिली अकूत संपत्ति पूर्व विधायक की काली कमाई है। साथ ही, उन्होंने सौरभ की मां उमा शर्मा को केपी सिंह की दूसरी पत्नी बताते हुए डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है।
प्रीतम लोधी ने लगाए कड़े आरोप
बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने कहा, “सौरभ शर्मा के पास मिली सारी संपत्ति दरअसल पूर्व विधायक केपी सिंह की है। सौरभ उनकी काली कमाई का मोहरा है। उसकी मां उमा शर्मा पूर्व विधायक की दूसरी पत्नी हैं। सौरभ शर्मा उनके दत्तक पुत्र हैं, और उनके डीएनए टेस्ट से यह साफ हो जाएगा।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केपी सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और माफियाओं से सांठगांठ कर बेहिसाब संपत्ति अर्जित की। प्रीतम लोधी ने कहा, “अगर प्रशासन निष्पक्ष जांच करना चाहता है, तो सौरभ शर्मा और पूर्व विधायक के संबंधों की तह तक जाए। यह मामला सिर्फ सौरभ तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का परिणाम है।”
उमा शर्मा ने किया पलटवार
विधायक लोधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ शर्मा की मां उमा शर्मा ने इन बयानों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, “प्रीतम लोधी घटिया और ओछी राजनीति कर रहे हैं। वे मेरे चरित्र पर सवाल उठाकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर उन्हें लगता है कि उनके आरोप सही हैं, तो वे खुद अपना डीएनए टेस्ट कराएं।”
उमा शर्मा ने कहा कि सौरभ शर्मा के मामले का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने प्रीतम लोधी पर निशाना साधते हुए कहा, “वे निचले स्तर की राजनीति कर रहे हैं और मेरे परिवार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके झूठे आरोपों से सच्चाई नहीं छुपेगी।”
केपी सिंह की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
बीजेपी विधायक के आरोपों के बाद पूर्व विधायक केपी सिंह ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, उनके समर्थकों का कहना है कि केपी सिंह जल्द ही बयान जारी करेंगे।
आयकर विभाग की जांच में बड़े खुलासे
सौरभ शर्मा के ठिकानों पर हुई छापेमारी में आयकर विभाग को करोड़ों की नकदी, 52 किलो सोना, दो क्विंटल चांदी, और कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह संपत्ति संदिग्ध बताई जा रही है।
आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि यह संपत्ति सौरभ शर्मा ने कैसे अर्जित की। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस मामले में सौरभ शर्मा के पीछे किसी राजनीतिक व्यक्ति का हाथ है।
राजनीतिक माहौल गर्माया
यह मामला अब स्थानीय राजनीति से निकलकर राज्य स्तरीय विवाद बन गया है। बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी हो रही है। प्रीतम लोधी के बयान ने कांग्रेस खेमे में हलचल मचा दी है।
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोग इस मामले को लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की विफलता मानते हैं, जबकि अन्य इसे राजनीतिक षड्यंत्र के रूप में देख रहे हैं।
सौरभ शर्मा मामले में जांच एजेंसियों के निष्कर्ष और राजनीतिक दावों के बीच सच्चाई का इंतजार किया जा रहा है। केपी सिंह की प्रतिक्रिया और जांच की प्रगति से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला भ्रष्टाचार का है या राजनीतिक विद्वेष का।

