गढ़ रीवा मध्यप्रदेश : वायरल वीडियो से हिली पुलिस, दार्शनिक स्थल पर अपराधियों ने युवती को बनाया निशाना, तीन गिरफ्तार
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के एक प्रसिद्ध दार्शनिक स्थल पर घटित शर्मनाक घटना ने न केवल जिले को शर्मसार किया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर कर दिया। एक युवती के साथ मारपीट और लूटपाट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना
18 दिसंबर 2024 को एक युवती, जो दार्शनिक स्थल पर घूमने आई थी, कुछ अपराधियों का शिकार बन गई। वायरल वीडियो में आरोपियों को युवती से अभद्रता और पैसे छीनते हुए देखा गया। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया, जिससे जिले में आक्रोश और चर्चा का माहौल बन गया।
पुलिस की प्रभावी कार्रवाई
वीडियो वायरल होते ही गढ़ थाना पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। सूचना तंत्र और सटीक रणनीति के माध्यम से पुलिस ने घटना में शामिल तीन आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी:
1. शारदा केवट (पिता: राममिलन केवट), निवासी ग्राम दुलहरा।
2. मुकेश केवट (पिता: शिवनंदन केवट), निवासी ग्राम दुलहरा।
3. संजय विश्वकर्मा (पिता: संतोष विश्वकर्मा), निवासी ग्राम क्योटी।
आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है:
IPC की धारा 354, 354क, 354ग: महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए।
धारा 392: लूटपाट।
धारा 341: अवैध तरीके से रास्ता रोकना।
धारा 506: धमकी देना।
आईटी एक्ट की धारा 66ई: गोपनीयता भंग करने के लिए।
इन धाराओं के तहत आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें केंद्रीय जेल, रीवा भेज दिया गया।
टीम की मुस्तैदी
पुलिस टीम ने इस मामले में शानदार समर्पण दिखाया। गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पांडे और उनकी टीम, जिसमें आरक्षक वी. सिंह, सुखेंद्र सिंह, धर्मेंद्र द्विवेदी, अभिषेक पांडे, पवन सत्यार्थी, और अनमोल श्रीवास्तव शामिल थे, ने त्वरित कार्रवाई कर अपराधियों को दबोच लिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने रीवा जिले में पर्यटक और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं:
1. अपराध का बढ़ता डर: जिले के कई पर्यटक स्थलों जैसे बौद्ध स्तूप, चचाई जलप्रपात, और अन्य धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा का घोर अभाव है।
2. पिछली घटनाओं का सबक: ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया।
3. सुरक्षा तंत्र की कमी: स्थायी चौकियों और निगरानी की स्पष्ट कमी इस घटना का मुख्य कारण रही।
जनता और प्रशासन से अपेक्षाएं
1. सुरक्षा बलों की तैनाती: पर्यटक स्थलों पर पुलिस की स्थायी तैनाती हो।
2. सीसीटीवी निगरानी: संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरे लगाए जाएं।
3. जन जागरूकता: पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जाए।
4. पुलिस गश्त: नियमित गश्त बढ़ाई जाए, ताकि अपराधियों को डर महसूस हो।
अपराध मुक्त रीवा की ओर कदम
पुलिस ने इस घटना में अपनी मुस्तैदी साबित की है, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है। रीवा जिले के पर्यटक और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देकर ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। अब प्रशासन और जनता को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रीवा जिले को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने के लिए यह समय है कि ठोस कदम उठाए जाएं और पर्यटक स्थलों की गरिमा और सुरक्षा बहाल की जाए।


