राष्ट्रीय राजमार्ग-27: गड्ढों से निजात की ओर, विंध्य वसुंधरा समाचार की पहल से जागा प्रशासन
मनगवां: राष्ट्रीय राजमार्ग-27 गढ़ , जो वर्षों से गड्ढों और दुर्घटनाओं का पर्याय बन चुका था, अब प्रशासन की सक्रियता की ओर बढ़ रहा है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही को विंध्य वसुंधरा समाचार ने प्रमुखता से उजागर किया, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों ने तुरंत हरकत में आकर 24 घंटे के भीतर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। हालांकि, फिलहाल मरम्मत के नाम पर केवल गड्ढों में गिट्टी डालने का काम किया गया है, जो दीर्घकालिक समाधान नहीं है।
सड़क की दुर्दशा: एक लंबी कहानी
राष्ट्रीय राजमार्ग-27 का गढ़ बाजार क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण यह मार्ग दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात हो चुका है। ग्रामीणों और यात्रियों का कहना है कि यह सड़क न केवल दैनिक आवागमन को बाधित करती है, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बनती है।
स्थानीय निवासियों ने बार-बार सीएम हेल्पलाइन 181 और अन्य माध्यमों से अपनी शिकायतें दर्ज करवाईं, लेकिन उनकी फरियाद अनसुनी रह गई। प्रशासन की यह उदासीनता जनता के लिए परेशानी का सबब बनी रही।
विधायक की सख्त चेतावनी
मनगवां विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने सड़क की इस बदतर स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा, “गढ़ क्षेत्र की सड़क का पूर्ण निर्माण किया जाए। यह जनता के लिए जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन चुका है। किसी भी कीमत पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।” विधायक की इस सख्ती ने प्रशासन और ठेकेदारों को हरकत में आने पर मजबूर कर दिया।
खबर का असर: ठेकेदार का अधूरा काम
विधायक के निर्देश और विंध्य वसुंधरा समाचार की पहल के बाद, सड़क मरम्मत का कार्य तो शुरू हुआ, लेकिन ठेकेदार ने महज गड्ढों में गिट्टी डालकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह अस्थायी समाधान है, जो जल्द ही बेकार साबित होगा। ठेकेदार की इस लापरवाही ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का गुस्सा और उम्मीद
स्थानीय ग्रामीणों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वर्षों से सड़क की खस्ताहाल स्थिति से जूझ रहे हैं। "हर बार हमें आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कोई ठोस काम नहीं होता। अगर यह निर्माण भी गुणवत्तापूर्ण नहीं हुआ, तो हम इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे," एक स्थानीय निवासी ने कहा।
ग्रामीणों ने विधायक के कदम का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई कि इस बार सड़क का निर्माण सही तरीके से होगा।
गुणवत्ता पर सवाल
फिलहाल मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गड्ढों में सिर्फ गिट्टी डालने से सड़क लंबे समय तक ठीक नहीं रह पाएगी। यह सवाल बना हुआ है कि क्या प्रशासन और ठेकेदार इस बार गुणवत्तापूर्ण निर्माण करेंगे, या यह भी एक अस्थायी उपाय बनकर रह जाएगा।
आगे का रास्ता
राष्ट्रीय राजमार्ग-27 की मरम्मत का कार्य शुरू होने से लोगों में उम्मीद की किरण जगी है, लेकिन यह देखना जरूरी होगा कि कार्य कब और कैसे पूरा होता है। प्रशासन, ठेकेदार और विधायक की जिम्मेदारी है कि यह सुनिश्चित करें कि सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हो और लंबे समय तक टिकाऊ रहे।
विंध्य वसुंधरा समाचार की पहल और मनगवां विधायक की सख्ती ने प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाने पर मजबूर किया है। अब जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा होगा, या यह केवल दिखावे तक सीमित रहेगा। गढ़ क्षेत्र के लोग एक ऐसी सड़क की उम्मीद कर रहे हैं जो न केवल उनके सफर को सुगम बनाए, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करे।


