लोकल यूथ महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, रोजगार और सुरक्षा की गारंटी की अपील
रीवा, मध्यप्रदेश 7 जनवरी 2025:
लोकल यूथ महासंघ मध्यप्रदेश ने आज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश सरकार, केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय नई दिल्ली, और मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री के नाम संबोधित था। महासंघ ने डिजिटल क्रॉप सर्वेयर के निजीकरण पर रोक लगाने और लोकल यूथ सर्वेयरों के हितों को सुरक्षित रखने की मांग की।
इस दौरान जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, तहसील अध्यक्ष पंकज अवस्थी, उदय सिंह, लालचंद्र सोनी, और प्रदीप चौबे सहित बड़ी संख्या में सर्वेयर मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को विस्तार से रखा।
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्दे
लोकल यूथ महासंघ ने सरकार से अपनी कई प्रमुख मांगें पूरी करने की अपील की, जिसमें शामिल हैं:
1. राजस्व सहायक का दर्जा: लोकल यूथ सर्वेयरों को ग्राम रोजगार सहायक की तर्ज पर राजस्व सहायक का दर्जा दिया जाए, ताकि उन्हें स्थायी पहचान और सम्मान मिल सके।
2. निश्चित रोजगार और मासिक मानदेय: सर्वेयरों को शासन द्वारा सुनिश्चित रोजगार और मासिक मानदेय प्रदान किया जाए, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
3. शासन द्वारा पहचान पत्र: सभी लोकल यूथ सर्वेयरों को शासन द्वारा मान्यता प्राप्त पहचान पत्र जारी किए जाएं, ताकि उन्हें प्रशासनिक कार्यों में सुविधा मिले।
4. सुरक्षा और उपकरण: सर्वेयरों को दुर्घटना बीमा, मौसम आधारित सुरक्षा उपकरण जैसे दस्ताने, फुल शूज, छतरी, और मोबाइल रिचार्ज की सुविधा प्रदान की जाए।
डिजिटल क्रॉप सर्वे का निजीकरण रोकने की मांग
महासंघ ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के निजीकरण पर सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि निजीकरण से लोकल यूथ सर्वेयरों के रोजगार पर खतरा उत्पन्न हो जाएगा। महासंघ ने जोर देकर कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य स्थानीय सर्वेयरों के माध्यम से किया जाना चाहिए, जिससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।
महासंघ का दृष्टिकोण और चेतावनी
लोकल यूथ महासंघ ने सरकार से अपील की कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द समाधान किया जाए। महासंघ के सदस्यों ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम
महासंघ का कहना है कि उनकी मांगें न केवल सर्वेयरों के हित में हैं, बल्कि ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा देंगी। स्थायी रोजगार, आर्थिक सुरक्षा, और बेहतर उपकरण से सर्वेयर अपने काम को प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
ज्ञापन सौंपने के बाद महासंघ के सदस्यों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद करते हैं।



