शाजापुर: पुलिस के हत्थे चढ़ी हनी ट्रैप गैंग की सरगना, अश्लील वीडियो बनाकर कर रही थी ब्लैकमेल
शाजापुर। शहर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हनी ट्रैप गैंग की सरगना रानू मंसूरी को गिरफ्तार किया है। यह महिला गिरोह लंबे समय से लोगों को जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का काम कर रही थी। इस गिरोह ने हाल ही में एक युवक को नशीला पदार्थ खिलाकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था और वायरल करने की धमकी देकर उससे पैसे वसूलने का प्रयास किया।
कैसे हुआ खुलासा?
जानकारी के अनुसार, शाजापुर निवासी शरद (परिवर्तित नाम) ने 9 जनवरी को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 25 दिसंबर से रानू मंसूरी नामक महिला का बार-बार फोन आ रहा था। वह किसी जरूरी काम का हवाला देकर मिलने का दबाव बना रही थी। 4 जनवरी को रानू ने शरद को कॉलेज के पास बुलाया और एकांत में बात करने के बहाने पुष्प कमल होटल में ले गई। वहां उसने जन्मदिन का बहाना बनाकर पार्टी दी और नशीला पदार्थ खिलाकर शरद का अश्लील वीडियो बना लिया।
इसके बाद शरद को एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल और व्हाट्सएप मैसेज आने लगे, जिनमें वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे जा रहे थे। ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर शरद ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच शुरू की। एसपी, एएसपी और एसडीओपी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी संतोष वाघेला के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रानू मंसूरी बेरछा गांव में अपने घर आई है। इस पर पुलिस टीम ने 13 जनवरी को दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी संतोष वाघेला, उपनिरीक्षक जया सुनेरी, प्रआर हेमेन्द्र सोलंकी, प्रआर कपिल नागर, आरक्षक शैलेन्द्र गुर्जर, शैलेन्द्र शर्मा और महिला आरक्षक कीर्ति मंडोत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरफ्तारी में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस ने जब रानू मंसूरी की तलाशी ली तो उसके पास से तीन लाख रुपये का एक चेक और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसमें उसका नाम मधु पिता दिनेश अग्रवाल निवासी मांगलिया इंदौर लिखा था। सख्ती से पूछताछ करने पर रानू ने अपना असली नाम रानू पिता शकूर खान (26) निवासी बेरछा बताया।
रानू ने खुलासा किया कि उसका साथी इंदर पिता प्रभु गुर्जर निवासी सुल्तानपुरा बेरछा अमीर व्यक्तियों की पहचान करता था। इसके बाद रानू उन्हें अपने जाल में फंसाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बना लेती थी। फिर इंदर गुर्जर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूल करता था।
आगे की जांच और बरामदगी
रानू मंसूरी के मेमोरेंडम पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किए गए 9 अन्य मोबाइल फोन, 2 लाख रुपये नकद और एक हिडन वेब कैमरा बरामद किया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की सीडीआर रिपोर्ट निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि अन्य पीड़ितों और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।
फरार आरोपी की तलाश जारी
फिलहाल रानू का साथी इंदर गुर्जर फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस को शक है कि गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस की अपील
शाजापुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इस तरह के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की तुरंत जानकारी पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जनता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और तत्परता का उदाहरण है, जिसने समय रहते हनी ट्रैप जैसे संगठित अपराध का पर्दाफाश किया और लोगों को बड़ी ठगी का शिकार बनने से

