रीवा-प्रयागराज मार्ग पर भारी भीड़, प्रशासन मुस्तैद
(गंगेव पहुंचे मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं का लिया जायजा)
(विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा संजय पाण्डेय)
गंगेव (रीवा), 11 फरवरी 2025: प्रयागराज में माघ मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे रीवा-प्रयागराज मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला आज गंगेव पहुंचे और विभिन्न शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यात्रियों की सुविधाओं के लिए प्रशासन सतर्क
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अमला प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
हालांकि, भोजन, पेयजल और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन तीर्थयात्रियों की संख्या अपेक्षा से अधिक होने के कारण यह व्यवस्थाएँ अपर्याप्त साबित हो रही हैं। प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है और अतिरिक्त सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए रीवा से प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं को यातायात नियमों का पालन करने और प्रशासन के निर्देशों के अनुसार ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।
मध्य प्रदेश सरकार की सक्रियता
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। वे संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से माघ मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं पर पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी यात्रा सुगम एवं सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मां गंगा स्नान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में किसी भी प्रकार की बाधा न आने पाए।
स्थायी समाधान की आवश्यकता
प्रशासन अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर रहा है, लेकिन तीर्थयात्रियों की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है, उसे देखते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तीर्थयात्रियों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है, इसलिए यातायात, आवास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के स्थायी इंतजाम किए जाने की जरूरत है। प्रशासन इस दिशा में दीर्घकालिक योजना तैयार करने पर भी विचार कर रहा है।
श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निकटतम पुलिस या सहायता केंद्र से संपर्क करें।





