कुंभ मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन सतर्क
रीवा से चाकघाट तक उपमुख्यमंत्री ने किया शिविरों का निरीक्षण, श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई गई आवश्यक सुविधाएँ
( विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा संजय पाण्डेय गढ़)
रीवा, 11 फरवरी 2025: मध्य प्रदेश में कुंभ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी संबंधित विधायकों और मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सीमा से गुजरने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के सभी मार्गों पर व्यवस्थाएँ चुस्त-दुरुस्त रखी जाएं और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इसी क्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने आज सुबह 10:00 बजे से रीवा से चाकघाट तक विभिन्न शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर यात्रियों की आवश्यकताओं का जायजा लिया और सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। श्रद्धालुओं को खिचड़ी, बिस्कुट और पानी वितरित किया गया, जिससे वे अपनी यात्रा को बिना किसी कठिनाई के पूरा कर सकें।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने गंगेव श्रीयुत कॉलेज में भोजन चिकित्सा अन्य व्यवस्थाओ का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों से चर्चा की जो भी अव्यवस्था है। उसका तत्काल समाधान करे।
यात्रियों के लिए सुविधाएँ और प्रशासनिक तैयारी
उपमुख्यमंत्री के इस दौरे में रीवा संभागीय आयुक्त बीएस जामोद, डीआईजी साकेत पांडे, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, एसडीओपी मनगवा IS ओमप्रकाश, अनुविभागीय अधिकारी मनगवा पी एस त्रिपाठी, विधायक मनगवा, जनपद अध्यक्ष मनगवा, भाजपा जिला अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। इन सभी ने यात्रियों को सहायता पहुँचाने के लिए शिविरों में मौजूद सुविधाओं की निगरानी की और आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन ने यात्रियों के लिए भोजन, चिकित्सा सुविधा, पेयजल और अस्थायी विश्राम स्थलों की व्यवस्था की है। इसके अलावा, शिविरों में विशेष चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो और मार्ग सुचारू रूप से संचालित रहे।
व्यापारियों की मनमानी पर प्रशासन की नजर
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कुछ व्यापारियों ने शिविरों के आसपास राजश्री, नमकीन, बिस्कुट और पानी की बोतलें अत्यधिक दरों पर बेचना शुरू कर दिया था। सामान्यत: ₹20 में मिलने वाली पानी की बोतलें ₹40 तक बेची जा रही थीं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही थी। इस संबंध में प्रशासन ने संज्ञान लिया और व्यापारियों को सख्त निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं से अनुचित मूल्य वसूली न की जाए।
श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सरकार प्रतिबद्ध
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार कुंभ यात्रियों की सुविधा को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की सीमा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सहज और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी श्रद्धालु को भोजन, पानी, चिकित्सा या विश्राम स्थल की कमी न हो।
स्थायी समाधान की जरूरत
इस यात्रा के दौरान यह भी देखा गया कि प्रशासनिक व्यवस्थाएँ मुख्य रूप से उपमुख्यमंत्री के दौरे के बाद ही प्रभावी रूप से लागू की गईं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्थायी समाधान की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएँ स्वतः उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में सभी संभागीय और जिला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे भविष्य की योजनाओं में स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करें, ताकि आने वाले वर्षों में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखें, यातायात नियमों का पालन करें, प्रशासन के निर्देशों का अनुसरण करें और किसी भी समस्या की स्थिति में नजदीकी पुलिस या सहायता केंद्र से संपर्क करें।
मध्य प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा और सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर यात्री की यात्रा सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक हो




