महाकुंभ में खाद्य सुरक्षा पर सख्त निगरानी: प्रशासन की छापेमारी, होटल व ढाबों पर कार्रवाई
रीवा: महाकुंभ में श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और उचित दर पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा, नागरिक आपूर्ति और मापतौल विभाग की संयुक्त टीम ने रीवा के कई होटलों और ढाबों पर छापेमारी की। इस दौरान कई अनियमितताएँ उजागर हुईं और आवश्यकतानुसार कड़ी कार्रवाई की गई।
होटलों में खाद्य सुरक्षा की अनियमितताएँ उजागर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अम्बरीश दुबे के नेतृत्व में हुई जांच के दौरान AKS होटल में गंभीर लापरवाही पाई गई। यहाँ शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक ही फ्रिज में रखा गया था, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। इस पर होटल संचालक आकाश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।इसी तरह, होटल नम: कोर्टयर्ड में पनीर, दही और अजवाइन के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया। यहाँ अमानक तौल कांटा भी पाया गया, जिसे तुरंत ज़ब्त कर लिया गया।होटल मार्तण्ड में भी खाद्य सुरक्षा संबंधी गड़बड़ियाँ सामने आईं। यहाँ से पनीर, दही और मावा के नमूने लिए गए, जिनकी शुद्धता की जाँच जारी है। तौल कांटा भी मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिस कारण उसे जब्त कर लिया गया।
ढाबों पर भी कड़ी कार्रवाई
रीवा-प्रयागराज मार्ग पर स्थित ढाबों की भी प्रशासन ने गहन जांच की। गंगातीरे ऋषि मिश्रा ढाबा में कोल्डड्रिंक्स को अधिक कीमत पर बेचने की शिकायत मिली थी। जाँच के बाद इस पर मामला दर्ज किया गया।इसके अलावा, इस ढाबे से दही, पनीर और नमकीन के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए। साथ ही, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर सिलेंडर ज़ब्त कर लिया गया।
निगरानी जारी, अनियमितताओं पर होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अम्बरीश दुबे, साबिर अली, नापतौल सहायक नियंत्रक विजय खातरकर, नापतौल निरीक्षक सचिन सोनी, सहायक आपूर्ति अधिकारी सुभाष द्विवेदी और अनमोल जैन की टीम लगातार निगरानी कर रही है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महाकुंभ में खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
जनता में जगा विश्वास, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल के नेतृत्व में प्रशासन की इस कार्रवाई ने जनता में विश्वास जगाया है। कलेक्टर ने दो टूक कहा है कि गलत करने वाले, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उनकी नजरों से बच नहीं पाएंगे। आने वाले समय में और भी कई गड़बड़ियाँ उजागर होने की संभावना है, जिससे खाद्य विभाग और नापतौल विभाग की लापरवाही पर भी बड़ा खुलासा हो सकता है।



