देवदूत बने नायब तहसीलदार, बचाई दो वृद्धों की जान
गढ़ न्यायालय से कुंभ मेला शिविर जा रहे तहसीलदार, बसौली नहर के पास हुआ हादसा
रीवा। 14 फरवरी 2025, दोपहर 2:30 बजे, नायब तहसीलदार मनोज सिंह गढ़ न्यायालय से गंगेव श्रीयुत विद्यालय कुंभ मेला शिविर जा रहे थे। रास्ते में टिकरी 32 के आगे बसौली नहर के पास एक सुजुकी बलेनो कार ने दो साइकिल सवार वृद्धों को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
108 एंबुलेंस नहीं पहुंची, तहसीलदार ने खुद संभाली जिम्मेदारी
घटनास्थल पर भीड़ तो थी, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। तहसीलदार मनोज सिंह ने तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन जब वह समय पर नहीं आई तो उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी में घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार, यदि तहसीलदार समय पर नहीं पहुंचते, तो अत्यधिक रक्तस्राव के कारण वृद्धों की मृत्यु हो सकती थी।
घायलों की पहचान, इलाज जारी
घायलों की पहचान गोमती साहू (निवासी बसौली) और रामधारी पिता श्री कृष्णा पटेल (उम्र 75 वर्ष, निवासी टिकुरी) के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों खेत घूमने निकले थे। डॉक्टरों ने बताया कि वृद्धों की हालत स्थिर है, लेकिन वे चिकित्सकीय निगरानी में रहेंगे।
स्थानीय लोग बोले— 'यह अधिकारी नहीं, देवदूत हैं'
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नायब तहसीलदार मनोज सिंह की संवेदनशीलता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब लोग हादसे को नजरअंदाज कर देते हैं, तब तहसीलदार ने खुद अपनी गाड़ी से घायलों को अस्पताल पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश की।
प्रशासन की तत्परता से बची दो जिंदगियां
इस घटना से साबित हुआ कि रीवा जिला प्रशासन की व्यवस्था प्रभावी रूप से कार्य कर रही है। तहसीलदार मनोज सिंह ने बताया कि घायलों का उपचार जारी है और उनके परिवार को सूचना दी जा रही है।
यह घटना उन सभी के लिए एक सीख है, जो दुर्घटनाग्रस्त लोगों की मदद करने से बचते हैं। तहसीलदार मनोज सिंह ने दिखा दिया कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए भी इंसानियत सबसे ऊपर होती है।






