किसान की बेरहमी से हत्या, इलाके में दहशत, पुलिस पर लापरवाही के आरोप
गवाही देना पड़ा भारी, धारदार हथियार से हमला कर की गई हत्या
(विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा रघुनाथगंज मध्यप्रदेश 28 फरवरी 2025)
(रीवा)। जिले के मनगवा थाना क्षेत्र के ग्राम मनिकवार में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। 27 फरवरी 2025 की रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच खेत में सिंचाई करने गए हीरामणी वर्मा (उम्र 64 वर्ष) की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई।मृतक के परिवार ने हमलावरों पर पुरानी रंजिश के चलते हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हीरामणी वर्मा कुछ समय पहले अपनी पुत्रवधू की हत्या के एक मामले में गवाह थे। इस कारण से अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया।इस हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोग और मृतक का परिवार पुलिस प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पहले ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होती, तो यह वारदात टल सकती थी।
कैसे हुई वारदात?
मृतक का बेटा संजीव कुमार वर्मा ने पुलिस को बताया कि रात 8 बजे उनके पिता हीरामणी वर्मा खेत में पानी लगाने के लिए गए थे। कुछ देर बाद जब उन्होंने फोन किया तो पिता ने कॉल रिसीव नहीं किया।इसके बाद संजीव अपने चाचा पवन कुमार वर्मा के साथ खेत की ओर गए। रास्ते में उन्हें खेत में कई टॉर्च की रोशनी दिखी। जैसे ही उन्होंने टॉर्च जलाकर देखा, तो वहां से जयप्रकाश दुबे उर्फ नेता, किशन दुबे, धीरज दुबे, बाबूलाल मुड़हा, सत्यप्रकाश दुबे और निखिल दुबे भागते हुए नजर आए।जब वे खेत में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि उनके पिता खून से लथपथ पड़े थे। उनके गले पर धारदार हथियार से गहरा वार किया गया था और पेट की आंतें बाहर निकली हुई थीं।परिजनों ने तुरंत पुलिस और अन्य रिश्तेदारों को सूचना दी, लेकिन जब तक मदद पहुंची, तब तक हीरामणी वर्मा की मौत हो चुकी थी।
पहले भी हुआ था हमला, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
मृतक के परिजनों का कहना है कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है। इससे पहले भी उनके परिवार पर हमले हो चुके हैं—बेटे और भतीजे पर चाकू से वार किया गया था, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।मृतक के भाई का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन अपराधियों के राजनीतिक संरक्षण के कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इलाके में गुस्सा, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पद्मेश गौतम ने कहा—
"रीवा और मऊगंज में हत्याओं और लूटपाट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अगर अपराधियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।"
वहीं, अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर कहा—
"एक ही परिवार पर बार-बार हमले होना साबित करता है कि अपराधियों को प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है। अगर पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करती, तो जनता को सख्त कदम उठाने होंगे।"
आरोपियों पर मामला दर्ज, लेकिन गिरफ्तारी नहीं
पुलिस ने इस मामले में धारा 103(1), 103(2), 190 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।
नामजद आरोपी:
1. जयप्रकाश दुबे उर्फ नेता
2. किशन दुबे
3. धीरज दुबे
4. बाबूलाल मुड़हा
5. सत्यप्रकाश दुबे
6. निखिल दुबे
सभी आरोपी ग्राम मानिकवार नं. 2, थाना मनगवा। (रीवा) के निवासी बताए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
थाना प्रभारी से संपर्क नहीं, पुलिस पर सवाल
जब इस मामले में मंगवां थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।पुलिस की चुप्पी से पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजरें
हीरामणी वर्मा की हत्या से पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि—
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी क्या कदम उठाते हैं?
मध्य प्रदेश सरकार इस घटना को कितनी गंभीरता से लेती है?
गृह मंत्री इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं?
अगर जल्द ही कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो सकती है।







