कैथा में श्रीशिवमहापुराण महायज्ञ का दूसरा दिन: भूतभावन भगवान शिव की लीलाओं का हुआ दिव्य वर्णन
(विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा, मध्य प्रदेश | 17 फरवरी 2025)
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के कैथा गांव में हनुमान जी स्वामी मंदिर प्रांगण में चल रहे 11 दिवसीय श्रीशिवमहापुराण भक्ति ज्ञान महायज्ञ का आज दूसरा दिन संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तिभाव में लीन होकर शिवमहिमा का श्रवण किया।
भगवान शिव हैं अजन्मा, उनकी भक्ति से नष्ट होते हैं पाप
महायज्ञ में आचार्य गौरीशंकर शुक्ला ने व्यासपीठ से भगवान शिव की अद्भुत लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव अजन्मा देवाधिदेव हैं, जो स्वयं ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में सृष्टि की रचना, पालन और संहार करते हैं। जब सृष्टि का निर्माण करना होता है तो वे ब्रह्मा का रूप धारण करते हैं, पालन करने के लिए विष्णु बनते हैं और जब अधर्म बढ़ता है, तो संहार करने के लिए महेश का स्वरूप लेते हैं।
आचार्य ने कहा कि भगवान शिव केवल संहार के देवता ही नहीं, बल्कि कृपालु, दयालु और भक्तों के कष्टों को हरने वाले भी हैं। उनकी भक्ति और पूजन से समस्त पापों का नाश होता है और साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि संसार में कर्म का महत्व सर्वोपरि है, और सभी जीव अपने कर्मों के अनुसार फल पाते हैं। अतः प्रत्येक व्यक्ति को सद्गुणों को अपनाते हुए भक्ति मार्ग पर अग्रसर होना चाहिए।
महायज्ञ का दिव्य आयोजन और विशाल भंडारा
यह श्रीशिवमहापुराण भक्ति ज्ञान महायज्ञ हर वर्ष महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित किया जाता है। इस महायज्ञ में दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल होते हैं और भगवान शिव की लीलाओं का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
कार्यक्रम के समापन दिवस पर विशाल हवन एवं भंडारे का आयोजन होगा। इस अवसर पर श्रद्धालु हवन में भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से इस महायज्ञ एवं भंडारे में सम्मिलित होकर शिवकृपा प्राप्त करने का आह्वान किया।



