मऊगंज में 8 मार्च को बृहद लोक अदालत का आयोजन, प्रचार वाहन रैली से जनजागरूकता अभियान तेज
न्यायाधीश संजीव कटारे ने हरी झंडी दिखाकर किया प्रचार वाहन रैली का शुभारंभ
मऊगंज, विंध्य वसुंधरा समाचार 5मार्च 2025
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रीवा के अध्यक्ष श्री राकेश मोहन प्रधान के निर्देशन में 8 मार्च को मऊगंज न्यायालय में बृहद लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आम जनता को जागरूक करने हेतु प्रचार वाहन रैली निकाली गई, जिसे मऊगंज के न्यायाधीश श्री संजीव कटारे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बृहद लोक अदालत का उद्देश्य और लाभ
इस अवसर पर न्यायाधीश श्री संजीव कटारे ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सरल, शीघ्र और सुलभ बनाना है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का निपटारा किया जाता है, जिससे दोनों पक्षों को समय और धन की बचत होती है। साथ ही, निस्तारित मामलों में कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।
इस लोक अदालत में निम्नलिखित मामलों का निराकरण किया जाएगा—
✔ क्लेम केस
✔ धारा 138 एनआई एक्ट (चेक बाउंस के मामले)
✔ दीवानी विवाद एवं छोटे-मोटे आपसी विवाद
✔ बैंकों की वसूली एवं अन्य विभागीय वसूली के मामले
✔ नगरपालिका के बकाया कर संबंधी मामले
प्रचार वाहन रैली से जागरूकता अभियान को मिली गति
बृहद लोक अदालत की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रचार वाहन रैली क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी। इस रैली के माध्यम से जनता को लोक अदालत में अपने लंबित मामलों के निस्तारण के लाभों की जानकारी दी जाएगी।
इस अवसर पर न्यायाधीश हीरालाल अलावा, प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट साजिद खान, मजिस्ट्रेट गीता उईके, मजिस्ट्रेट आनंद बागरी, मजिस्ट्रेट ओ.सी. जैन, मजिस्ट्रेट युवराज दीक्षित, डीई विद्युत विभाग सुशांत सोनल, एई कुंवर सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि इस बार विद्युत विभाग की वसूली की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है, जिससे विद्युत विभाग के अधिक लंबित मामलों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से संभव होगा।
न्यायपालिका की जनता से अपील
मऊगंज न्यायालय ने आम जनता से अपील की है कि 8 मार्च को आयोजित बृहद लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने लंबित मामलों का समाधान कराएं। यह पहल न केवल समय और खर्च बचाएगी, बल्कि आपसी सहमति से विवाद निपटाने का आसान और न्यायसंगत माध्यम भी प्रदान करेगी।

