पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने पत्रकारों के आमरण अनशन को दिया समर्थन
पत्रकार संगठन ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से की भेंट, निष्पक्ष जांच और थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग
विंध्य वसुंधरा समाचार, मऊगंज/रीवा।
मऊगंज जिले में पत्रकारों द्वारा चलाए जा रहे आमरण अनशन ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। आज अनशन के पांचवें दिन जिले के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना अनशन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत पत्रकारों को अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया। साथ ही पत्रकार संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल जाकर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से भेंट कर पत्रकार मिथिलेश त्रिपाठी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मामला उठाया तथा दोषी थाना प्रभारी के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की मांग की।
पत्रकारों का आरोप और मांगें:
गौरतलब है कि मऊगंज जिले के वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश त्रिपाठी के विरुद्ध नईगढ़ी थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर द्वारा अभद्र व्यवहार करने और झूठा मामला दर्ज करने का आरोप है। त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान आंदोलन स्थल से जबरन उठाकर थाने ले जाया गया और उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया।
इस घटना के विरोध में मऊगंज जिले के समस्त पत्रकारों ने संगठित होकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया है। आंदोलनरत पत्रकारों की प्रमुख मांगें हैं —
थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर को तत्काल नईगढ़ी थाना से हटाकर जिले के बाहर पदस्थ किया जाए।
पत्रकार के खिलाफ दर्ज झूठे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर किसी प्रकार का अंकुश न लगे।
पूर्व विधायक बन्ना ने दिया पूरा समर्थन:
आज आमरण अनशन स्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने आंदोलनरत पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं। वे जन-जन की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। यदि उनके साथ अन्याय या उत्पीड़न होता है तो यह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को निष्पक्षता बरतते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
पूर्व विधायक ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला तो वे स्वयं इस आंदोलन को और उग्र बनाने के लिए राजनीतिक समर्थन प्रदान करेंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र न्याय दिलाया जाए।
उपमुख्यमंत्री से हुई मुलाकात:
इधर पत्रकार संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से भेंट कर उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि दोषी थाना प्रभारी के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशासन से इस विषय में रिपोर्ट मांगी जा रही है तथा उचित कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन की चुप्पी बनी चिंता का विषय:
हालांकि अभी तक मऊगंज जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक वार्ता अथवा कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पत्रकारों के बीच असंतोष और आक्रोश गहराता जा रहा है। लगातार पांचवें दिन अनशन जारी है और अनशनरत पत्रकारों की हालत भी अब धीरे-धीरे बिगड़ने लगी है।
आंदोलन की गंभीरता बढ़ती जा रही है:
पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के समर्थन और उपमुख्यमंत्री से हुई बातचीत के बाद आंदोलन को नई धार मिल गई है। यदि प्रशासन शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाता, तो यह आंदोलन जिलेभर में बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।
यदि प्रशासन समय रहते इस संवेदनशील मुद्दे पर संज्ञान नहीं लेता है, तो मऊगंज का यह शांतिपूर्ण आंदोलन भविष्य में व्यापक जन आक्रोश में बदल सकता है



