निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर प्रशासन सख्त, उल्लंघन पर लगेगा दो लाख रुपये का जुर्माना
शहर में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस संबंध में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे तीन दिनों के भीतर सभी निजी स्कूलों का निरीक्षण करें और फीस तथा प्रवेश प्रक्रिया की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि कोई स्कूल संचालक शासन के निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाता है और अनाधिकृत रूप से फीस बढ़ाता है, तो उस पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के अधिकार का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
तीन दिन में निरीक्षण रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
बैठक के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि वे सभी निजी स्कूलों की प्रवेश प्रक्रिया और फीस संरचना की गहन जांच करें। अगर किसी स्कूल द्वारा शासन के नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता या फीस वृद्धि से संबंधित समस्या का सामना कर रहे हैं, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। इसके लिए प्रशासन जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर जारी करने की भी योजना बना रहा है, जिससे शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके।
शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने का प्रयास
सरकार और प्रशासन की यह पहल शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है। छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और यह सुनिश्चित करेगा कि निजी स्कूल नियमों का पालन करें।
आगामी दिनों में इस निरीक्षण अभियान की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और जिन स्कूलों में अनियमितताएं पाई जाएंगी, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

