रीवा गैंगरेप केस: आठ दोषियों को अंतिम सांस तक कारावास, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुए सनसनीखेज गैंगरेप मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी आठ दोषियों को अंतिम सांस तक कारावास की सजा दी है। यह निर्णय महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रणाली की तत्परता का प्रतीक माना जा रहा है। अदालत ने आरोपियों पर भारी जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उनकी सजा एक वर्ष और बढ़ा दी जाएगी।
यह भयावह घटना 21 अक्टूबर 2024 को रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में घटी थी। पीड़िता अपने पति के साथ भैरव बाबा मंदिर के दर्शन करने गई थी। उसी दौरान आरोपियों ने घात लगाकर दोनों को घेर लिया। उन्होंने पहले पति को बेरहमी से पीटा, उसे बंधक बना लिया और फिर उसकी आंखों के सामने ही उसकी पत्नी के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, इन दरिंदों ने इस घिनौनी वारदात का वीडियो भी बनाया और पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने पुलिस में शिकायत की, तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।
घटना के बाद पीड़िता मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी थी, लेकिन उसने हिम्मत दिखाते हुए अगले दिन 22 अक्टूबर को गुढ़ थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच और कोर्ट की कार्रवाई
रीवा पुलिस अधीक्षक के अनुसार, अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई थी, जिसने तेजी से जांच पूरी कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई, जहां पीड़िता के बयान और पुख्ता सबूतों के आधार पर दोषियों को कड़ी सजा दी गई। अदालत ने आरोपियों के कृत्य को समाज के लिए कलंक बताते हुए उन्हें कठोरतम सजा देने का निर्णय लिया।
कोर्ट का फैसला और दोषियों की सजा
रीवा जिला न्यायालय ने इस बहुचर्चित मामले में कठोरतम सजा सुनाते हुए सभी आठ आरोपियों को अंतिम सांस तक कारावास की सजा दी है। यह फैसला न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, अदालत ने दोषियों पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया है। यदि वे जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उनकी सजा एक वर्ष और बढ़ा दी जाएगी।

