मनगवां थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक की रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल, एसपी ने किया निलंबित
रीवा। जिले के मनगवां थाना क्षेत्र में तैनात प्रधान आरक्षक सुखलाल चौधरी का भ्रष्टाचार से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) विवेक सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रधान आरक्षक पर आरोप है कि उन्होंने एक पक्ष को फर्जी प्रकरण में फंसाने की धमकी देकर उनसे रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
घटना का पूरा विवरण
मनगवां थाने में 26 फरवरी को मढ़ी गांव के रहने वाले कृष्णा साकेत ने रामकरण साकेत और राहुल साकेत के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी कृष्णा साकेत के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज कराया। इस पूरे मामले में प्रधान आरक्षक सुखलाल चौधरी ने एक पक्ष के चार लोगों से पांच-पांच हजार रुपए की मांग की।
डरे-सहमे पीड़ितों में से एक ने सौदेबाजी के दौरान पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में प्रधान आरक्षक पहले पांच हजार रुपए मांगते नजर आ रहे हैं, लेकिन बाद में सौदा दो हजार रुपए में तय हो जाता है। इस लेन-देन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
वीडियो वायरल होने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया
वीडियो सामने आने के बाद एसपी रीवा विवेक सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक सुखलाल चौधरी को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीओपी सिरमौर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसपी विवेक सिंह ने कहा, "कोई भी पुलिसकर्मी अगर अवैध रूप से पैसे की मांग करता है तो इसकी जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दें। पुलिस में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है, और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।"
पुलिस अधीक्षक की जनता से अपील
पुलिस विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी उनसे अवैध रूप से धन की मांग करता है, तो वे बिना किसी भय के इसकी सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं। शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस विभाग की छवि को धूमिल किया है, लेकिन एसपी द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीरता से ले रहा है। अब सभी की निगाहें इस जांच पर टिकी हैं कि आगे और क्या कदम उठाए जाते हैं।

